जेल में सुजीत सिन्हा, विदेश से प्रिंस खान चला रहा था गैंग! रिया सिन्हा पर नेटवर्क संभालने का आरोप, पुलिस जांच में पाकिस्तान तक जुड़े कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क और रंगदारी रैकेट के दावे
विदेश में रह रहे प्रिंस खान के गिरोह से जुड़े होने का पुलिस का दावा।
रिया सिन्हा पर दोनों गिरोहों के बीच समन्वय करने का आरोप।
2025 में रिया सिन्हा सहित पांच आरोपियों की हुई थी गिरफ्तारी।
रांची: झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की जामताड़ा में पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद उससे जुड़े आपराधिक नेटवर्क को लेकर कई पुराने खुलासे एक बार फिर चर्चा में हैं। रांची पुलिस की पूर्व जांच के अनुसार, जब सुजीत सिन्हा जेल में बंद था, तब कथित तौर पर उसका नेटवर्क जेल के बाहर सक्रिय था। पुलिस का दावा है कि विदेश में रह रहा कुख्यात अपराधी प्रिंस खान अपने गिरोह का संचालन कर रहा था, जबकि सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा दोनों नेटवर्क के बीच समन्वय की भूमिका निभा रही थी।
जेल में सुजीत, बाहर सक्रिय था कथित नेटवर्क
रांची पुलिस की जांच के अनुसार, सुजीत सिन्हा जेल में रहते हुए भी अपने सहयोगियों के माध्यम से कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों का संचालन करता था। वहीं प्रिंस खान विदेश में रहकर गिरोह का संचालन कर रहा था। पुलिस का आरोप है कि जेल के बाहर पूरे नेटवर्क के समन्वय की जिम्मेदारी रिया सिन्हा के पास थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, रांची और कोयलांचल क्षेत्र में कारोबारियों एवं ठेकेदारों से कथित रंगदारी की कई घटनाओं में इस गठजोड़ की भूमिका सामने आई थी।
रिया सिन्हा सहित पांच आरोपी हुए थे गिरफ्तार
रांची के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम ने वर्ष 2025 में कार्रवाई करते हुए रिया सिन्हा सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान कई डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर गिरोह के कथित नेटवर्क और आपसी संपर्क की जानकारी सामने आई।

पुलिस ने पूछताछ के आधार पर किए थे गंभीर दावे
तत्कालीन सिटी एसपी पारस राणा ने उस समय बताया था कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं। पुलिस का दावा था कि आरोपियों ने पूछताछ में कथित रूप से बताया कि गिरोह के लिए हथियार और गोलियां पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से पंजाब के मोगा क्षेत्र तक पहुंचाई जाती थीं। वहां से इन्हें विभिन्न माध्यमों से झारखंड सहित अन्य राज्यों तक पहुंचाया जाता था। हालांकि, इन दावों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा की गई कानूनी प्रक्रिया के अधीन है।
इनामुल हक उर्फ बबलू खान की भूमिका का आरोप
पुलिस जांच में इनामुल हक उर्फ बबलू खान पर भी गंभीर आरोप लगाए गए थे। पुलिस के अनुसार, वह रांची में कथित तौर पर रंगदारी की रकम वसूलने का काम करता था। जांच एजेंसियों का दावा था कि वसूली गई रकम गिरोह के सदस्यों के माध्यम से प्रिंस खान तक पहुंचाई जाती थी। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया था कि धन के उपयोग का संबंध कथित तौर पर अवैध गतिविधियों से था। इन आरोपों का अंतिम सत्यापन न्यायालय में लंबित है।

UAPA और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हुआ था मामला
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में सदर थाना (बीआईटी मेसरा ओपी) कांड संख्या 512/2025, दिनांक 22 अक्टूबर 2025 दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराएं लगाई गई थीं। जांच एजेंसियों का आरोप था कि डोरंडा थाना क्षेत्र के सत्यभामा अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग में प्रयुक्त हथियार भी इसी कथित नेटवर्क से जुड़े थे।

सुजीत सिन्हा पर 60 से अधिक मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सुजीत सिन्हा के खिलाफ हत्या, रंगदारी, फायरिंग, आर्म्स एक्ट, आपराधिक साजिश और संगठित अपराध से जुड़े 60 से अधिक मामले दर्ज थे। उसके खिलाफ पलामू, लातेहार, रांची, चतरा, हजारीबाग, धनबाद और अन्य जिलों के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी थी।

रिया सिन्हा पर भी दर्ज हैं कई मामले
पुलिस के अनुसार, रिया सिन्हा पर भी लगभग एक दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह केवल गैंगस्टर की पत्नी नहीं थी, बल्कि कथित रूप से सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान गिरोह के बीच संपर्क स्थापित करने का काम करती थी।इन्हीं आरोपों के आधार पर रांची पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामले की न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।
संगठित अपराध के खिलाफ अभियान जारी
झारखंड पुलिस का कहना है कि राज्य में संगठित अपराध, रंगदारी और अवैध हथियार नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सुजीत सिन्हा की मौत के बाद उसके कथित नेटवर्क, सहयोगियों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच जारी है।
सुजीत सिन्हा की मौत के बाद उससे जुड़े कथित आपराधिक नेटवर्क को लेकर पुलिस की पूर्व जांच फिर चर्चा में है। हालांकि, रिया सिन्हा, प्रिंस खान और अन्य आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।






