JPSC आंदोलन को मिला राष्ट्रीय समर्थन, कॉकरोच जनता पार्टी झारखंड आएगी
सरकार ने बनाई 4 मंत्रियों की कमेटी, जांच भी तेज
छात्र आंदोलन ने पकड़ी राष्ट्रीय रफ्तार, CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया झारखंड आने का ऐलान; सरकार ने वार्ता की पहल, CID की कार्रवाई भी जारी

रांची: झारखंड में 14वीं JPSC पीटी परीक्षा, JSSC-CGL और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनता जा रहा है। आंदोलन को अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का भी खुला समर्थन मिल गया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में जल्द झारखंड आएगी। दूसरी ओर, बढ़ते जनदबाव के बीच राज्य सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों की उच्चस्तरीय कमेटी बनाने का फैसला किया है। वहीं, मामले की जांच कर रही CID भी लगातार कार्रवाई कर रही है और अब तक कई गिरफ्तारियां कर चुकी है।
झारखंड आने का ऐलान, छात्रों के साथ खड़ी CJP
महाराष्ट्र के छत्रपति शिवाजी नगर में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी झारखंड के छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि “हम निश्चित रूप से झारखंड जाएंगे। छात्र जिस पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, वह पूरी तरह जायज है। हमारी पार्टी इस आंदोलन का समर्थन करती है और छात्रों के साथ खड़ी रहेगी।” अभिजीत दीपके इससे पहले भी वीडियो कॉल के माध्यम से आंदोलनरत छात्रों से बातचीत कर चुके हैं और उन्हें अपना समर्थन दे चुके हैं।

NEET आंदोलन का हवाला देते हुए सरकारों पर दबाव बनाने का दावा
प्रेस वार्ता के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी पहले भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन की अगुवाई कर चुकी है। उन्होंने दावा किया कि उस आंदोलन के दौरान पार्टी ने एक प्रभावी दबाव समूह (Pressure Group) की भूमिका निभाई थी, जिसके बाद केंद्र सरकार को शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के साथ अन्याय होगा तो CJP हमेशा उनके पक्ष में खड़ी रहेगी और लोकतांत्रिक तरीके से उनकी आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाएगी।
दो सप्ताह से जारी है छात्र आंदोलन
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में करीब दो सप्ताह से हजारों छात्र धरने पर बैठे हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि JPSC, JSSC-CGL और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगें हैं—
- 14वीं JPSC पीटी परीक्षा रद्द की जाए।
- JSSC-CGL परीक्षा रद्द कर दोबारा कराई जाए।
- उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा की लिखित परीक्षा निरस्त की जाए।
- सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की CBI जांच कराई जाए।
- भविष्य में लीक-प्रूफ और पूरी तरह पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार ने बनाई चार मंत्रियों की कमेटी
लगातार बढ़ते आंदोलन और राजनीतिक दबाव के बीच झारखंड सरकार ने भी पहल शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार छात्रों से वार्ता के लिए चार मंत्रियों की एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है। इस प्रस्तावित समिति में सुदीव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव को शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे पहले सरकार ने प्रारंभिक बातचीत के लिए SDO और ADM (लॉ एंड ऑर्डर) को धरनास्थल भेजा था, जिन्होंने छात्र प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी मांगों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री बोले- सरकार के दरवाजे खुले हैं
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी छात्र आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की समस्या केवल झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के युवाओं के सामने एक राष्ट्रीय चुनौती बन चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है और संबंधित एजेंसियां दिन-रात जांच में जुटी हुई हैं।
उन्होंने कहा,

“सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं। छात्र अपनी हर मांग और सुझाव सरकार के सामने रख सकते हैं। हमारी प्राथमिकता केवल जांच नहीं, बल्कि युवाओं को ठोस समाधान देना है।”
CID की जांच लगातार तेज
उधर, छात्र आंदोलन के समानांतर CID की कार्रवाई भी लगातार तेज होती जा रही है। जांच एजेंसी अब तक इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से चार दौर की लंबी पूछताछ हो चुकी है। हाल ही में CID ने राज्य के विभिन्न जिलों में 18 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, OMR शीट से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। इन सभी की तकनीकी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी परीक्षा संचालन, कथित OMR टेंपरिंग, डेटा प्रोसेसिंग और वित्तीय लेन-देन के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
आंदोलन अब सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं
राजनीतिक समर्थन, राष्ट्रीय स्तर के सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी और लगातार बढ़ती जांच के बीच यह आंदोलन अब केवल झारखंड का मुद्दा नहीं रह गया है। पहले शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने आंदोलनरत छात्रों से संवाद कर उनका मनोबल बढ़ाया और अब कॉकरोच जनता पार्टी ने भी झारखंड आने का ऐलान कर दिया है। इस बीच सरकार संवाद के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश कर रही है, जबकि छात्र अपनी मांगों पर अडिग हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार, छात्र संगठनों और जांच एजेंसियों की गतिविधियों पर पूरे राज्य की नजर बनी रहेगी।






