गिरिडीह में ₹5 हजार रिश्वत लेते कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार, ACB की कार्रवाई
धनबाद एसीबी ने मधुबन थाना में की कार्रवाई
प्राथमिकी में नामजद आरोपी के निर्देश पर रिश्वत लेने का आरोप
गिरिडीह: झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ धनबाद एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में 16 सितंबर 2026 को ACB की टीम ने गिरिडीह जिले के मधुबन थाना में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर विक्रम कुमार चौधरी को कथित तौर पर 5 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान प्राथमिकी में नामजद एक अन्य आरोपी दीपेश कुमार को भी गिरफ्तार किए जाने की जानकारी ACB ने दी है। ACB की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह मामला एक स्कॉर्पियो वाहन की दुर्घटना के बाद उससे संबंधित थाना प्रक्रिया पूरी कराने से जुड़ा है।
दुर्घटना के बाद थाना पहुंचा था परिवादी
ACB के मुताबिक, परिवादी की स्कॉर्पियो गाड़ी, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर JH15K4933 है, 19 जुलाई 2026 को सुबह करीब 10 बजे मधुबन थाना क्षेत्र के चैनपुर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में वाहन क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद वाहन मालिक को गाड़ी बेचने के लिए थाना से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी करानी थी। इसी सिलसिले में वह मधुबन थाना पहुंचा। शिकायत के अनुसार, इसी प्रक्रिया को पूरा कराने के बदले थाना में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर विक्रम कुमार चौधरी ने कथित तौर पर 5 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। परिवादी रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था। इसके बाद उसने मामले की शिकायत धनबाद ACB से की।
शिकायत के सत्यापन के बाद दर्ज हुआ केस
ACB ने परिवादी की शिकायत मिलने के बाद पहले उसका सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने के बाद कांड संख्या 08/2026, दिनांक 15 सितंबर 2026 दर्ज किया गया। इसके बाद ACB ने कार्रवाई के लिए धावा दल का गठन किया। अगले दिन यानी 16 सितंबर 2026 को टीम ने मधुबन थाना पहुंचकर कार्रवाई की। ACB के अनुसार, प्राथमिकी में नामजद दीपेश कुमार के निर्देश पर विक्रम कुमार चौधरी ने थाना प्रभारी के कक्ष में परिवादी से 5 हजार रुपये रिश्वत ली। बताया गया है कि घटना के समय दीपेश कुमार छुट्टी पर थे। ACB ने रिश्वत के लेनदेन के बाद मौके पर कार्रवाई शुरू की।
मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई
ACB के मुताबिक, पूरी कार्रवाई मजिस्ट्रेट और दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में की गई। इसी दौरान दोनों आरोपियों को मधुबन थाना से गिरफ्तार कर लिया गया। ACB की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस
इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्रवाई की गई है। ACB अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और आरोपों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह भी देखेगी कि कथित रिश्वत की मांग और लेनदेन में दोनों आरोपियों की भूमिका क्या थी और इस पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता थी या नहीं। धनबाद ACB की इस कार्रवाई के बाद सरकारी कार्यालयों और पुलिस थानों में रिश्वतखोरी को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, मामले में आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।
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