UPI पेमेंट में बड़ा बदलाव संभव! अब पैसे भेजने से पहले मिलेगा YES/NO का विकल्प, RBI कर रहा विचार
डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए UPI सिस्टम में नई सुरक्षा पर मंथन
नई दिल्ली: नोटबंदी के बाद भारत में डिजिटल भुगतान का तेजी से विस्तार हुआ और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने ऑनलाइन लेनदेन के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम किया। हाल ही में NPCI द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में UPI ट्रांजैक्शन का कुल मूल्य 29.88 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसी बीच अब UPI पेमेंट सिस्टम में एक बड़ा बदलाव किए जाने की तैयारी चल रही है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के समक्ष बैंकों ने ऐसा प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत कुछ चुनिंदा UPI ट्रांजैक्शन में YES/NO कन्फर्मेशन का अतिरिक्त विकल्प दिया जा सकता है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड के मामलों पर अंकुश लगाना है।
हर ट्रांजैक्शन पर नहीं लागू होगा नया नियम
बैंकों के प्रस्ताव के अनुसार, यह अतिरिक्त सुरक्षा सुविधा सभी UPI ट्रांजैक्शन पर लागू नहीं होगी। केवल ऐसे लेनदेन, जिन्हें बैंक की प्रणाली असामान्य या जोखिमपूर्ण मानेगी, उनमें YES/NO कन्फर्मेशन मांगा जाएगा। संभावित रूप से यह सुविधा इन परिस्थितियों में लागू की जा सकती है—
- पहली बार किसी नए व्यक्ति को UPI से भुगतान करने पर
- ₹10,000 या उससे अधिक की राशि भेजने पर
- देर रात होने वाले बड़े ट्रांजैक्शन पर
- संदिग्ध या असामान्य लेनदेन की स्थिति में
बैंकों का मानना है कि यदि हर ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त कन्फर्मेशन लागू किया गया, तो डिजिटल भुगतान की गति और उपयोगकर्ता अनुभव प्रभावित हो सकता है।
YES/NO क्लिक किए बिना पूरा नहीं होगा पेमेंट
यदि RBI इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो भविष्य में UPI पेमेंट की प्रक्रिया में एक अतिरिक्त चरण जुड़ जाएगा। मौजूदा समय में QR स्कैन करने या मोबाइल नंबर चुनने के बाद UPI PIN डालते ही भुगतान पूरा हो जाता है। लेकिन नए प्रस्ताव के अनुसार PIN दर्ज करने के बाद स्क्रीन पर YES और NO का विकल्प दिखाई देगा।
- YES चुनने पर भुगतान तुरंत पूरा हो जाएगा।
- NO चुनने पर ट्रांजैक्शन रद्द हो जाएगा।
- यदि कोई विकल्प नहीं चुना गया, तो संबंधित ट्रांजैक्शन कुछ समय के लिए लंबित रह सकता है और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ेगा।
हालांकि, इस संबंध में अभी RBI की ओर से कोई अंतिम आदेश जारी नहीं किया गया है। फिलहाल यह केवल बैंकों द्वारा दिया गया एक प्रस्ताव है, जिस पर विचार किया जा रहा है।
डिजिटल फ्रॉड रोकने में मिलेगी मदद
बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त कन्फर्मेशन लेयर से ऑनलाइन ठगी के मामलों में कमी आ सकती है। कई बार साइबर अपराधी जल्दबाजी में लोगों से पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं। ऐसे मामलों में YES/NO का अतिरिक्त विकल्प उपयोगकर्ता को भुगतान की दोबारा पुष्टि करने का अवसर देगा। इसके अलावा यदि कोई बड़ा भुगतान गलती से हो रहा हो, तो ग्राहक समय रहते उसे रोक भी सकेगा।

अभी नहीं हुआ है अंतिम फैसला
गौरतलब है कि फिलहाल यह बदलाव लागू नहीं हुआ है। बैंकों ने केवल प्रस्ताव RBI के समक्ष रखा है। अब अंतिम निर्णय भारतीय रिजर्व बैंक को लेना है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो आने वाले समय में UPI पेमेंट पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हो सकता है।






