JPSC विवाद पर BJP का हमला: ‘हेमंत सरकार की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की CBI जांच हो
प्रतुल शाहदेव ने मुख्यमंत्री से मांगा इस्तीफा, JPSC अध्यक्ष की गिरफ्तारी और पीटी परीक्षा रद्द करने की उठाई मांग
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हेमंत सोरेन सरकार पर बड़ा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि हेमंत सरकार के पिछले साढ़े छह वर्षों में आयोजित प्रतियोगी परीक्षाएं संदेह के घेरे में हैं। उन्होंने मांग की कि इस अवधि में आयोजित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की CBI से जांच कराई जाए।
मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जिस सरकार ने युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, उसी के कार्यकाल में भर्ती परीक्षाओं पर लगातार सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री, जो शिक्षा विभाग का भी नेतृत्व करते हैं, उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) को रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच की अनुशंसा करने की भी मांग की।
JPSC के सभी सदस्यों को हटाने की मांग
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आयोग पर गंभीर आरोप लगने के बाद केवल कुछ कर्मचारियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि JPSC के सभी सदस्यों को तत्काल हटाकर पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नए सदस्यों की नियुक्ति की जाए।
एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी की उठाई मांग
प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते के खिलाफ गंभीर तथ्य सामने आने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इससे यह संदेश जा रहा है कि CID निष्पक्ष जांच करने के बजाय केवल निचले स्तर के लोगों पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि आयोग के शीर्ष अधिकारियों से रिमांड पर सख्ती से पूछताछ किए बिना पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आ सकती।
निजी एजेंसी की भूमिका पर उठाए सवाल
भाजपा ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया में एक निजी एजेंसी को जरूरत से ज्यादा अधिकार दिए गए। प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग (प्रक्रिया) नियमावली, 2002 तथा संविधान के अनुच्छेद 315, 316 और 320 के अनुसार निजी एजेंसियों की भूमिका केवल तकनीकी और सहायक कार्यों तक सीमित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, मूल्यांकन, मेरिट सूची तैयार करना और अंतिम चयन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है। यदि इन अधिकारों में निजी एजेंसी का हस्तक्षेप हुआ है तो इसकी गहन जांच आवश्यक है।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
प्रेस वार्ता के दौरान प्रतुल शाहदेव ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में युवाओं के मुद्दों पर आवाज उठाने वाली कांग्रेस झारखंड में JPSC विवाद पर चुप है। उन्होंने कांग्रेस से इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में युवाओं के भविष्य से जुड़े इतने बड़े मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अजय राय भी मौजूद रहे।






