कर्नाटक में डीके शिवकुमार कैबिनेट का बड़ा विस्तार, 20 नए मंत्रियों ने ली शपथ; गायत्री शांतेगौड़ा बनीं इकलौती महिला मंत्री
बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चर्चित कैबिनेट विस्तार आखिरकार सोमवार को पूरा हो गया। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 20 नए विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ने सभी नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। लगभग दो महीने बाद हुए इस विस्तार के साथ राज्य मंत्रिमंडल अब लगभग पूर्ण आकार में पहुंच गया है। कांग्रेस नेतृत्व ने इस विस्तार में क्षेत्रीय, जातीय और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश की है।
इस कैबिनेट विस्तार की सबसे बड़ी चर्चा गायत्री शांतेगौड़ा को लेकर रही, जो नए मंत्रिमंडल में एकमात्र महिला मंत्री बनी हैं। विपक्ष ने इसे लेकर कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी अपेक्षा से काफी कम रही है। दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि भविष्य में संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर महिलाओं को अधिक अवसर दिए जाएंगे।
कई वरिष्ठ नेताओं को नहीं मिली जगह
मंत्रिमंडल विस्तार से पहले कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और विधायकों के मंत्री बनने की चर्चा थी, लेकिन अंतिम सूची में कई बड़े नामों को जगह नहीं मिल सकी। इससे पार्टी के भीतर असंतोष की अटकलें भी तेज हो गई हैं। हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि मंत्रिमंडल का गठन सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया है और सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कैबिनेट विस्तार के जरिए कांग्रेस ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और भविष्य की राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए कई नए चेहरों को मौका दिया है।
जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का रखा गया ध्यान
कर्नाटक की राजनीति में जातीय समीकरण हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। इसी वजह से इस बार कैबिनेट विस्तार में विभिन्न समुदायों और क्षेत्रों के नेताओं को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई। वोक्कालिगा, लिंगायत, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल कर कांग्रेस ने व्यापक सामाजिक संतुलन साधने का प्रयास किया है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य के सभी क्षेत्रों में राजनीतिक संदेश जाएगा और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी संतुलन बनेगा।
कई चर्चित नेताओं को मिली जिम्मेदारी
नए मंत्रिमंडल में कांग्रेस के कई प्रमुख नेताओं को भी शामिल किया गया है। इनमें बी. नागेंद्र, जमीर अहमद खान और रिजवान अरशद जैसे नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नेताओं को संगठन और सरकार दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले चेहरों के रूप में देखा जाता है। हालांकि विभागों का अंतिम बंटवारा सरकार की ओर से अलग से अधिसूचित किया जाएगा।
दो महीने बाद पूरा हुआ मंत्रिमंडल
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सरकार बनने के बाद सीमित संख्या में मंत्रियों के साथ काम शुरू किया था। इसके बाद लगातार कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। कांग्रेस हाईकमान के साथ कई दौर की बैठकों और मंथन के बाद अंततः मंत्रिमंडल विस्तार को अंतिम रूप दिया गया। कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि विस्तार में संगठन, प्रशासनिक अनुभव और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है।

सरकार की प्राथमिकताओं पर रहेगा फोकस
कैबिनेट विस्तार के बाद अब सरकार का पूरा ध्यान प्रशासनिक कामकाज को गति देने, चुनावी वादों को पूरा करने और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर रहेगा। नई टीम के साथ मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार राज्य में बुनियादी ढांचे, ग्रामीण विकास, कृषि, रोजगार, शिक्षा और निवेश से जुड़े मुद्दों पर तेजी से काम करने की तैयारी में हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कैबिनेट विस्तार केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि कांग्रेस की आगामी चुनावी रणनीति का भी अहम हिस्सा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि नए मंत्रियों को कौन-कौन से विभाग मिलते हैं और सरकार आने वाले महीनों में अपने प्रदर्शन को किस तरह मजबूत करती है।






