बारिश में भी नहीं झुका JPSC अभ्यर्थी! बिना टेंट-छाते भूख हड़ताल पर डटे ब्रह्मानंद, बोले- अब अन्याय नहीं सहेंगे
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार जारी है आंदोलन, सरकार के खिलाफ बुलंद हो रही आवाज

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में राजधानी रांची में अभ्यर्थियों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। लगातार हो रही भारी बारिश के बावजूद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित धरनास्थल पर सैकड़ों छात्र-युवा डटे रहे। आंदोलन को और तेज करते हुए मंगलवार को पांच और अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। दूसरी ओर, शाम में छात्रों ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मार्च भी निकाला।
बारिश में भी नहीं टूटा छात्रों का हौसला
मंगलवार को राजधानी रांची में दिनभर रुक-रुककर तेज बारिश होती रही, लेकिन इसका असर आंदोलन पर नहीं पड़ा। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र बारिश के बीच भी डटे रहे और मंच से लगातार सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने आरोप लगाया कि राज्य की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं और हजारों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। ऐसे में सरकार को निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

पांच और छात्र बैठे भूख हड़ताल पर
आंदोलन के सातवें दिन इसे और तेज करते हुए पांच नए अभ्यर्थियों ने भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। इससे पहले से भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों की संख्या और बढ़ गई है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि यह लड़ाई केवल एक परीक्षा की नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य की है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्र सरकार से JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
तेज बारिश में भी भूख हड़ताल पर डटे रहे ब्रह्मानंद
रामगढ़ से आए अभ्यर्थी ब्रह्मानंद कुमार मंगलवार को भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर डटे रहे। तेज बारिश के दौरान वे जयपाल सिंह मुंडा की प्रतिमा के नीचे बिना छाते और बिना टेंट के बैठे रहे। उनके साथियों ने कई बार उन्हें टेंट के अंदर आने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया। ब्रह्मानंद ने कहा कि उन्होंने JSSC CGL, JPSC FRO और ACF समेत कई प्रतियोगी परीक्षाएं दी हैं। उनका आरोप है कि हर परीक्षा में किसी न किसी तरह की गड़बड़ी सामने आई है। उन्होंने कहा कि अब युवा अन्याय को चुपचाप सहने वाले नहीं हैं और जब तक निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजलि
दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर आंदोलनकारी छात्रों ने शाम को श्रद्धांजलि मार्च निकाला। छात्र शिबू सोरेन की तस्वीर और कटआउट लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचे और वहां उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस मार्च में रांची के अलावा राज्य के विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थियों ने भी भाग लिया। छात्रों ने कहा कि गुरुजी ने हमेशा जल, जंगल, जमीन और आम लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उसी संघर्ष की भावना से वे भी अपने अधिकारों और न्यायपूर्ण भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।

एजुकेटर अभिनय शर्मा ने दिया समर्थन
आंदोलन के दौरान प्रसिद्ध एजुकेटर अभिनय शर्मा भी धरनास्थल पहुंचे और छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को अपने भविष्य और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करना है तो उन्हें अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है। यदि भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो सरकार की जिम्मेदारी है कि निष्पक्ष जांच कर युवाओं का भरोसा बहाल करे।


देवेंद्रनाथ महतो की बिगड़ी तबीयत
धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो की तबीयत मंगलवार को बिगड़ गई। आंदोलनकारियों के अनुसार उनका ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर काफी नीचे चला गया। इसके अलावा शरीर में तेज दर्द, कमजोरी और डिहाइड्रेशन की शिकायत भी बढ़ गई। मौके पर मौजूद चिकित्सकों ने स्वास्थ्य जांच के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें स्लाइन चढ़ाई। डॉक्टरों ने लगातार उनकी निगरानी जारी रखी है और स्वास्थ्य पर विशेष नजर रखी जा रही है।

सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
एक ओर आंदोलन लगातार तेज हो रहा है तो दूसरी ओर सरकार की ओर से छात्रों से संवाद की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना, भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। बारिश, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और लगातार बढ़ती चुनौतियों के बावजूद आंदोलनकारियों का हौसला कायम है। अब पूरे राज्य की नजर सरकार और आंदोलन के बीच संभावित बातचीत और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।






