झारखंड में 8 लाख से ज्यादा राशन कार्ड जांच के घेरे में, 2.5 लाख पर कार्रवाई

Jharkhand Ration Card Verification

रांची: झारखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन कार्डों के सत्यापन को लेकर सरकार ने अभियान तेज कर दिया है। विभागीय स्तर पर निष्क्रिय, डुप्लीकेट या अपात्र माने जा रहे राशन कार्डों की पहचान की जा रही है। उपलब्ध विभागीय जानकारी के अनुसार, राज्य में 8 लाख 2 हजार 685 राशन कार्ड धारकों को सत्यापन के दायरे में चिन्हित किया गया है।सरकार की ओर से राशन कार्डों का e-KYC और अन्य माध्यमों से सत्यापन कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे। झारखंड सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर PDS और राशन कार्ड से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध हैं।

छह महीने से राशन नहीं लेने वाले कार्ड भी जांच के दायरे में
विभागीय जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में ऐसे राशन कार्ड चिन्हित किए गए हैं जिन पर लंबे समय से खाद्यान्न का उठाव नहीं हुआ है। इनमें छह महीने से राशन नहीं लेने वाले 1 लाख 77 हजार 751 कार्ड शामिल बताए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत ऐसे कार्डों की नियमित समीक्षा की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, छह महीने तक खाद्यान्न का उठाव नहीं होने पर कार्ड को निष्क्रिय किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। सितंबर में प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, झारखंड में 1 अक्टूबर 2026 से स्मार्ट PDS व्यवस्था लागू करने की तैयारी है और छह महीने तक राशन नहीं लेने वाले कार्डों को निष्क्रिय किए जाने की व्यवस्था बताई गई है। निष्क्रिय कार्ड को दोबारा सक्रिय कराने के लिए निर्धारित अवधि में e-KYC और जरूरी सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

2.5 लाख से ज्यादा कार्डों पर कार्रवाई
राज्य में चल रहे सत्यापन अभियान के दौरान 2.5 लाख से अधिक राशन कार्डों को जांच में अपात्र या अनियमित पाए जाने की बात सामने आई है। ऐसे कार्डों के मामले में विभाग की ओर से सत्यापन और आगे की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। विभाग की ओर से संबंधित राशन दुकानदारों से भी जानकारी और रिपोर्ट लेने की प्रक्रिया बताई गई है। वहीं पात्र लाभुकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा जा रहा है कि उनका e-KYC और राशन कार्ड से संबंधित जरूरी सत्यापन पूरा हो। यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब राज्य में PDS व्यवस्था को अधिक सटीक और लक्षित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

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करीब 60 लाख राशन कार्ड और 2.6 करोड़ से ज्यादा लाभुक
झारखंड के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार राज्य की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के तहत 60.21 लाख राशन कार्ड और करीब 2.63 करोड़ लाभुक शामिल थे। उसी सर्वेक्षण के अनुसार, 2025-26 में लाभुक डेटाबेस के शुद्धिकरण के दौरान मृत व्यक्तियों और अपात्र श्रेणियों को हटाए जाने से राशन कार्डों की संख्या में कमी आई थी। आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी बताया गया था कि Aadhaar seeding का कवरेज राशन कार्डों में 99.60 प्रतिशत और लाभुकों में 95.43 प्रतिशत था। e-KYC भी बड़े पैमाने पर पूरा किया जा चुका था।

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मंत्री बोले- पात्र गरीबों का नाम जोड़ा जाएगा
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के अनुसार, राशन कार्डों की जांच भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। उनका कहना है कि जिन कार्डों पर पात्रता नहीं है या लंबे समय से राशन का उठाव नहीं हुआ है, उनकी समीक्षा की जा रही है। मंत्री ने यह भी कहा है कि जिन लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं, उनके स्थान पर पात्र गरीब परिवारों को राशन व्यवस्था से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसका मतलब यह है कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्डों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि PDS के लाभ को पात्र परिवारों तक लक्षित करना भी है।

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राशन दुकानों पर भी दिख रहा असर
राशन कार्ड सत्यापन और e-KYC अभियान का असर जनवितरण प्रणाली की दुकानों पर भी दिखाई देने की बात राशन दुकानदारों की ओर से कही गई है। कुछ PDS डीलरों के अनुसार, पहले नियमित रूप से राशन लेने वाले कुछ लोग अब दुकानों पर नहीं पहुंच रहे हैं। डीलरों का कहना है कि ऐसे लाभुकों में कुछ लोग ऐसे भी हो सकते हैं जिनके कार्ड की पात्रता या सत्यापन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। हालांकि, किसी व्यक्ति के केवल राशन नहीं लेने से उसके कार्ड को अवैध मानना उचित नहीं होगा। प्रत्येक कार्ड की स्थिति विभागीय सत्यापन और निर्धारित नियमों के आधार पर तय होगी।

पात्र लाभुकों को घबराने की जरूरत नहीं
सरकार की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान के बीच पात्र राशन कार्ड धारकों के लिए e-KYC और अपने कार्ड की स्थिति की जांच कराना महत्वपूर्ण है। झारखंड सरकार के खाद्य विभाग की वेबसाइट पर राशन कार्ड और PDS से संबंधित सेवाएं उपलब्ध हैं। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तंत्र में राशन कार्ड की जानकारी, पात्रता और डीलर से जुड़ी सेवाओं के लिए आधिकारिक ऑनलाइन व्यवस्था भी मौजूद है। झारखंड स्टेट फूड एंड सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन की वेबसाइट पर राशन कार्ड, पात्रता और महीनेवार राशन लेने वाले कार्डधारकों से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध हैं। फिलहाल सरकार का फोकस राशन कार्ड डेटाबेस के सत्यापन और PDS व्यवस्था को अधिक लक्षित बनाने पर है। जिन कार्डों की पात्रता संदिग्ध है, उनकी जांच के बाद ही अंतिम कार्रवाई की जाएगी।

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