हजारीबाग छात्र-पुलिस झड़प: 700 लोगों पर FIR की तैयारी, 200 की पहचान; वीडियो फुटेज से होगी जांच
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग में 21 अगस्त 2026 को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस प्रशासन के बीच हुई झड़प के बाद अब पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्रदर्शन के दौरान बिगड़ी कानून-व्यवस्था को लेकर कोर्रा थाना में FIR की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, पूरे घटनाक्रम में करीब 700 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है, जबकि इनमें से लगभग 200 लोगों की पहचान कर ली गई है। पुलिस अब घटनास्थल पर मौजूद वीडियो फुटेज, फोटो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रदर्शन के दौरान उपद्रव और पुलिस के साथ झड़प में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने और कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
21 अगस्त को प्रदर्शन के दौरान बिगड़ी स्थिति
दरअसल, JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों से जुड़े विवाद को लेकर झारखंड में छात्र आंदोलन चल रहा है। इसी क्रम में 21 अगस्त को हजारीबाग में भी बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान किसी बात को लेकर स्थिति बिगड़ गई और छात्रों तथा पुलिस प्रशासन के बीच झड़प हो गई। इसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की। अब इसी घटनाक्रम को लेकर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
करीब 700 लोगों के खिलाफ कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, पूरे मामले में करीब 700 लोगों को कार्रवाई के दायरे में रखा गया है। इनमें से लगभग 200 लोगों की पहचान किए जाने की बात कही जा रही है। पुलिस का कहना है कि बाकी लोगों की पहचान भी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। इसके लिए घटनास्थल पर बनाए गए वीडियो फुटेज और अन्य डिजिटल सामग्री की जांच की जा रही है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई का मुख्य फोकस उन लोगों पर है, जिनकी भूमिका कथित तौर पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, पुलिस के साथ झड़प या उपद्रव में रही।
वीडियो फुटेज बनेगा जांच का अहम आधार
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद वीडियो फुटेज को जांच का अहम आधार बनाया है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के मौजूद रहने के कारण पुलिस एक-एक व्यक्ति की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान करने के साथ यह भी देखा जा रहा है कि किस व्यक्ति की भूमिका क्या थी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि झड़प के दौरान किन लोगों ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की और किन लोगों की भूमिका हिंसक घटनाओं में रही। इसके अलावा सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो और अन्य रिकॉर्डिंग भी जांच का हिस्सा बन सकती हैं।
पुलिस ने दिया सख्त कार्रवाई का संकेत
हजारीबाग पुलिस ने साफ किया है कि कानून हाथ में लेने वाले लोगों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष तरीके से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या पुलिस के साथ हिंसक झड़प करने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब पुलिस की जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि 700 लोगों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई में किन लोगों की भूमिका वास्तव में सामने आती है।
JPSC-JSSC विवाद के बीच बढ़ा तनाव
हजारीबाग की यह घटना ऐसे समय हुई है, जब झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर पहले से ही छात्रों और सरकार के बीच तनाव बना हुआ है। सरकार की ओर से कई परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द किए जाने के बाद चयनित अभ्यर्थियों ने विरोध शुरू किया था। दूसरी ओर, भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्र संगठन भी आंदोलन कर रहे हैं। इसी विवाद के बीच अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हजारीबाग में 21 अगस्त की घटना के बाद अब पुलिस की FIR कार्रवाई ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
फिलहाल पुलिस पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। करीब 200 लोगों की पहचान होने के बाद अब उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाएगी। पुलिस यह भी देखेगी कि संबंधित व्यक्ति की घटनास्थल पर मौजूदगी और कथित उपद्रव में उसकी भूमिका क्या रही। जांच पूरी होने के बाद जिन लोगों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सकती है। वहीं, छात्र संगठनों की ओर से इस पुलिस कार्रवाई पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा। क्योंकि JPSC-JSSC विवाद को लेकर राज्य में छात्र आंदोलन पहले से जारी है और हजारीबाग की घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
फिलहाल हजारीबाग पुलिस की जांच वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। करीब 700 लोगों के खिलाफ प्रस्तावित FIR और 200 लोगों की पहचान के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में किन लोगों की भूमिका सामने आती है और पुलिस आगे क्या कार्रवाई करती है।





