JPSC-JSSC छात्र आंदोलन: 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा, मंत्रियों के सामने रखी मांगें

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच शनिवार को 8 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा। इससे पहले शुक्रवार देर रात भी छात्र प्रतिनिधियों और सरकार के मंत्रियों के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें अभ्यर्थियों ने JPSC और JSSC से जुड़े तमाम मुद्दों तथा अपनी मांगों का विस्तृत आधार सरकार के सामने रखा। छात्र प्रतिनिधियों ने बातचीत के दौरान अपनी मांगों को केवल सामने ही नहीं रखा, बल्कि एक-एक मांग के पीछे के तथ्य, परिस्थितियां और कारण भी मंत्रियों को विस्तार से समझाए। छात्रों ने बताया कि आखिर किन वजहों से वे पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं और उन्हें भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को लेकर किन बिंदुओं पर गंभीर आपत्तियां हैं।
मंत्रियों ने गंभीरता से सुनी छात्रों की बात
छात्र प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, सरकार की ओर से मौजूद मंत्रियों ने उनकी सभी बातों और तर्कों को गंभीरता और ध्यानपूर्वक सुना। छात्रों का दावा है कि बातचीत के दौरान मंत्रियों ने उनकी ओर से रखे गए तर्कों को उचित बताया। मंत्रियों ने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनके द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों, मांगों और प्रस्तुत किए गए तथ्यों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पूरी संवेदनशीलता के साथ पहुंचाया जाएगा। छात्रों के मुताबिक, बातचीत के दौरान सरकार की ओर से उनकी चिंताओं को समझने और आगे उचित स्तर पर रखने का भरोसा दिया गया है।

अब मुख्यमंत्री तक पहुंचेगी छात्रों की आवाज
शनिवार को स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचे 8 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल की नजर अब सरकार के अगले कदम पर है। छात्र चाहते हैं कि JPSC और JSSC से जुड़े विवादित मामलों में उनकी मांगों पर केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस पहल और स्पष्ट निर्णय सामने आए। छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्होंने सरकार के सामने अपनी मांगों के समर्थन में विस्तृत तथ्य रखे हैं। अब उन्हें उम्मीद है कि इन तथ्यों पर गंभीरता से विचार करते हुए सरकार जल्द आगे की कार्रवाई करेगी।
समाधान की उम्मीद, आंदोलन पर भी नजर
सरकार की ओर से छात्रों की मांगों और तथ्यों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के आश्वासन के बाद आंदोलनरत अभ्यर्थियों में समाधान की उम्मीद जरूर जगी है। हालांकि, अंतिम फैसला सामने आने तक छात्रों का रुख क्या रहेगा, इस पर भी सबकी नजर बनी हुई है। फिलहाल शनिवार को स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सरकार के साथ आगे की बातचीत को लेकर अपनी बात रखने की तैयारी में है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार छात्रों की मांगों पर ठोस फैसला लेती है या बातचीत का दौर आगे भी जारी रहेगा?




