mela

सखुआ महोत्सव 2026: रांची में एक लाख पौधे लगाने का अभियान आज से शुरू, राज्यपाल संतोष गंगवार करेंगे शुभारंभ

Ranchi Tree Plantation

रांची को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने की पहल

चुटिया के प्राचीन इक्कीसो महादेव धाम से होगा आगाज

shrawani mela

रांची: राजधानी रांची को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने के उद्देश्य से आज ‘सखुआ महोत्सव 2026’ की शुरुआत होने जा रही है। इस विशेष अभियान का शुभारंभ झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार चुटिया स्थित प्राचीन इक्कीसो महादेव धाम परिसर से करेंगे। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य रांची शहर में एक लाख सखुआ (साल) के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को नई दिशा देना है।

आयोजकों ने शहरवासियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा है कि यह केवल पौधारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड की प्रकृति, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।

shrawani mela

जनभागीदारी से पूरा होगा लक्ष्य
आयोजन से जुड़े संदेश में कहा गया है कि रांची को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने के इस अभियान में नागरिकों का लगातार सहयोग और सहभागिता मिल रही है। इसी विश्वास के साथ एक लाख सखुआ के पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आयोजकों ने उम्मीद जताई है कि शहर के लोग, सामाजिक संगठन, छात्र, युवा और विभिन्न संस्थाएं इस महाअभियान का हिस्सा बनकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण का संकल्प
सखुआ महोत्सव को झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत से जोड़ते हुए इसे “संकल्प पर्व” बताया गया है। संदेश में कहा गया है कि सखुआ का पेड़ झारखंड की पहचान, आदिवासी संस्कृति और पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण प्रतीक है। आयोजकों ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस पुनीत अभियान में सहभागी बनें और आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक हरित और स्वच्छ रांची के निर्माण में योगदान दें।

munadi live whattsapp banne.jpg

इक्कीसो महादेव धाम से होगी शुरुआत
महोत्सव का शुभारंभ आज चुटिया स्थित ऐतिहासिक इक्कीसो महादेव धाम परिसर से होगा। राज्यपाल संतोष गंगवार के करकमलों से कार्यक्रम का उद्घाटन किया जाएगा, जिसके बाद शहर के विभिन्न हिस्सों में पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा।

Adiwasi Mahotsav
resizone elanza

Telegram channel

आयोजकों का कहना है कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में भी व्यापक स्तर पर पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *