JPSC-JSSC आंदोलन: सरकार-छात्र वार्ता का पहला दौर सकारात्मक, लेकिन आंदोलन रहेगा जारी

JPSC-JSSC Talks

स्टेट गेस्ट हाउस में हुई अहम बैठक, मंत्रियों ने कहा- सभी मांगों पर होगा विचार

छात्रों ने बताया सकारात्मक रही पहली बातचीत

रांची: जेपीएससी-जेएसएससी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर पिछले 14 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच पहली औपचारिक वार्ता हुई। राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में हुई इस बैठक में राज्य सरकार के मंत्रियों की कमेटी और छात्र प्रतिनिधिमंडल आमने-सामने बैठे। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने बैठक को सकारात्मक बताया, हालांकि छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों पर अंतिम फैसला होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार ने ध्यान से सुनी छात्रों की बातें
सरकार की ओर से बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह पांडेय, समाज कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव और अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह शामिल हुए। बैठक के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार ने छात्रों की सभी मांगों को गंभीरता से सुना है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखे गए सभी बिंदुओं पर मंत्रिस्तरीय कमेटी विचार करेगी और आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की चिंताओं को समझती है और समाधान निकालने की दिशा में सकारात्मक प्रयास जारी रहेंगे।

छात्र बोले- पहली बैठक सकारात्मक रही
बैठक के बाद छात्र प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे रवीन्द्र पासवान ने कहा कि सरकार ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा, “हमारी पहली बैठक सकारात्मक रही। मंत्रियों ने धैर्यपूर्वक हमारी सभी बातें सुनीं। हालांकि अभी हमारी प्रमुख मांगों पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, इसलिए आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा।” छात्रों ने कहा कि वे सरकार की अगली पहल का इंतजार करेंगे, लेकिन जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।

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ऐसे बनी वार्ता की सहमति
इससे पहले शुक्रवार को दिन में रांची के एसडीओ जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे थे, जहां उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात की। प्रशासन की ओर से छात्रों से कहा गया कि सरकार से बातचीत के लिए केवल छात्र प्रतिनिधि ही शामिल हों और प्रतिनिधिमंडल में किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को शामिल नहीं किया जाए। इसके बाद छात्रों ने आपसी सहमति से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया और उसकी सूची सरकार को सौंप दी। सूची मिलने के बाद सरकार की ओर से छात्रों को स्टेट गेस्ट हाउस में वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया।

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10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रखा पक्ष
सरकार के साथ बातचीत के लिए छात्रों की ओर से गठित प्रतिनिधिमंडल में रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवीन्द्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के समक्ष JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सहित विभिन्न मांगों को विस्तार से रखा।

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आंदोलन की अगली रणनीति पर नजर
करीब दो सप्ताह से चल रहा यह छात्र आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पहली औपचारिक वार्ता सकारात्मक माहौल में जरूर हुई, लेकिन किसी ठोस सहमति के अभाव में आंदोलन जारी रहेगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या निर्णय लेती है और मंत्रिस्तरीय कमेटी अपनी अगली बैठक में क्या रुख अपनाती है। यदि सरकार की ओर से ठोस प्रस्ताव आता है तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है, अन्यथा छात्रों ने संघर्ष जारी रखने का संकेत दिया है।

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