लाल किले से PM मोदी के बड़े ऐलान: महिला आरक्षण, किसानों को राहत, 100 GW न्यूक्लियर मिशन और सेमीकंडक्टर पर बड़ा विजन
आजादी के बाद पहली बार लाल किले पर गूंजा ‘वंदे मातरम्’
ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा फोकस, 70 से 700 शहरों तक गैस नेटवर्क
नई दिल्ली: देश आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति, उत्साह और उल्लास के साथ मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देश को संबोधित किया। ध्वजारोहण के बाद स्वदेशी 105 एमएम लाइट फील्ड गन्स से 21 तोपों की सलामी दी गई। इस दौरान लाल किले का पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में विकसित भारत 2047, महिला सशक्तिकरण, किसानों की चिंता, ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, आत्मनिर्भरता, समुद्री संसाधनों की खोज और देश की तकनीकी क्षमता जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। पीएम ने देशवासियों से छोटे लक्ष्य छोड़कर बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।
आजादी के बाद पहली बार लाल किले पर गूंजा ‘वंदे मातरम्’
इस स्वतंत्रता दिवस समारोह को ऐतिहासिक बनाते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि आजादी के बाद पहली बार 15 अगस्त के मुख्य समारोह में लाल किले पर ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हर दिल में वंदे मातरम् की धुन गूंज रही है और हर घर तथा हर मन में तिरंगा है। उन्होंने राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ का भी उल्लेख किया और इसे देश के सांस्कृतिक गौरव से जोड़ा।
बड़ा संदेश: छोटे सपने नहीं, बड़े विजन के साथ आगे बढ़े भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि छोटे सपने अब काफी नहीं हैं। महान राष्ट्र वही बनता है जो बड़े सपने देखता है, मजबूत संकल्प करता है और चुनौतियों के बीच आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक रूप से मजबूत देश बनना नहीं, बल्कि 2047 तक विकसित भारत का निर्माण करना है। प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक शक्ति को इस लक्ष्य की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने देशवासियों से अपने-अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ योगदान देने और राष्ट्र निर्माण को जनभागीदारी का आंदोलन बनाने की अपील की।
महिला आरक्षण पर PM मोदी की सभी दलों से अपील
लाल किले से प्रधानमंत्री ने महिला राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं को देश की नीति निर्माण प्रक्रिया में उनका उचित स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण के जल्द क्रियान्वयन में सहयोग करने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत का सपना तब तक पूरा नहीं हो सकता, जब तक देश की आधी आबादी को नीति निर्माण में प्रभावी भागीदारी नहीं मिलती।

किसानों को राहत: यूरिया और DAP की कीमतों का जिक्र
प्रधानमंत्री ने वैश्विक संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की बढ़ती कीमतों के बीच किसानों के हितों की रक्षा करने का दावा किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की कीमत करीब 3,000 रुपये प्रति बोरी तक पहुंचने के बावजूद भारतीय किसानों को यह करीब 300 रुपये प्रति बोरी की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी तरह DAP की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 5,000 रुपये प्रति बोरी होने के बावजूद किसानों को इसे करीब 1,350 रुपये प्रति बोरी में उपलब्ध कराने की बात प्रधानमंत्री ने कही। पीएम ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों का बोझ देश के अन्नदाताओं पर नहीं पड़ने दिया गया है और कृषि क्षेत्र की मजबूती आत्मनिर्भर भारत की महत्वपूर्ण नींव है।
ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा फोकस, 70 से 700 शहरों तक गैस नेटवर्क
प्रधानमंत्री ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताते हुए पिछले वर्षों में गैस नेटवर्क के विस्तार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश के करीब 70 शहरों में पाइप्ड गैस डिस्ट्रीब्यूशन की सुविधा थी, जिसे अब बढ़ाकर करीब 700 शहरों तक पहुंचाया गया है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, स्वच्छ ऊर्जा नेटवर्क का विस्तार देश को ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे ले जा रहा है।
‘समुद्र मंथन’ से गहरे समुद्र में संसाधनों की खोज
ऊर्जा और रणनीतिक संसाधनों को लेकर प्रधानमंत्री ने ‘समुद्र मंथन’ पहल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत अब गहरे समुद्र में तेल, गैस और रणनीतिक खनिजों की खोज पर जोर दे रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस अभियान को गति देने के लिए 85 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। उन्होंने समुद्री क्षेत्र में पहले प्रतिबंधित माने जाने वाले बड़े हिस्से को एक्सप्लोरेशन के लिए खोलने की बात कही। पीएम के मुताबिक, इसका उद्देश्य देश की आयात निर्भरता कम करना और समुद्री संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है।
2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य
ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए प्रधानमंत्री ने परमाणु ऊर्जा को भी महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य सामने रखा। इसके साथ ही इसी दशक में 5 नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की योजना का उल्लेख किया गया। प्रधानमंत्री ने फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में भारत की उपलब्धि को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में स्वदेशी क्षमता देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी।

सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप
तकनीकी आत्मनिर्भरता को लेकर प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र को 21वीं सदी की महत्वपूर्ण जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि भारत में 3 बड़े सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित हो चुके हैं और इनसे निर्यात के लिए उत्पादन शुरू होने की दिशा में देश आगे बढ़ चुका है। आने वाले वर्षों में 5 से 8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य भी सामने रखा गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को वैश्विक चिप सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण केंद्र बनाना जरूरी है।
‘मेक इन इंडिया’, ‘स्वदेशी’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के लिए देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया, स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल सिर्फ सरकारी योजनाएं नहीं, बल्कि जनभागीदारी के अभियान बनने चाहिए। पीएम ने कहा कि देश को अपनी जरूरतों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करनी होगी।
12 वर्षों में बदला भारत का स्केल और स्पीड
प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में भारत में हुए बदलावों का आंकड़ों के जरिए उल्लेख किया। उन्होंने रक्षा उत्पादन, खादी एवं ग्रामोद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे कोच, मोबाइल फोन उत्पादन और डिजिटल लेन-देन में वृद्धि का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि देश ने इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर डिजिटल कनेक्टिविटी तक कई क्षेत्रों में स्पीड और स्केल के नए मानक स्थापित किए हैं। प्रधानमंत्री ने नल से जल, रसोई गैस कनेक्शन, गरीबों के लिए आवास और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया।
140 करोड़ भारतीयों की शक्ति को किया नमन
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश के हर वर्ग के योगदान को राष्ट्र निर्माण की ताकत बताया। उन्होंने दलित, आदिवासी, वंचित, गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और पुरुषों सहित देश के हर हिस्से के नागरिकों की मेहनत और संकल्प को नमन किया।
उन्होंने कहा कि उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक भारत की एकता ही देश की सबसे बड़ी शक्ति है।

विकसित भारत 2047 का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन का सबसे बड़ा संदेश ‘विकसित भारत 2047’ रहा। उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश जब विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लेता है तो यह भारत के आत्मविश्वास और सामर्थ्य को दर्शाता है। पीएम मोदी ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, मजबूत संकल्प लें और अपनी क्षमता का पूरा इस्तेमाल करें।
लाल किले से प्रधानमंत्री का संदेश साफ रहा—भारत को अब रुकना नहीं है। आत्मनिर्भरता, तकनीकी क्षमता, महिला भागीदारी, ऊर्जा सुरक्षा और जनभागीदारी के दम पर 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करना है।





