झारखंड में 63.24 लाख मतदाताओं को मिलेगा निर्वाचन आयोग का नोटिस, जवाब देने के बाद ही फाइनल वोटर लिस्ट में जुड़ सकेगा नाम

Draft Voter List

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई, तार्किक विसंगति और नो-मैप मामलों की होगी जांच

रांची: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद अब निर्वाचन आयोग ने मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि राज्य के 63.24 लाख मतदाताओं को विभिन्न श्रेणियों में नोटिस जारी किया जाएगा। इन मतदाताओं को निर्वाचन आयोग द्वारा भेजे गए नोटिस का जवाब देना होगा। उनके जवाब और सत्यापन से संतुष्ट होने के बाद ही अंतिम मतदाता सूची में उनका नाम शामिल किया जाएगा।

इन श्रेणियों के मतदाताओं को मिलेगा नोटिस
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार नोटिस जारी किए जाने वाले मतदाताओं में सबसे अधिक संख्या तार्किक विसंगति (Logical Discrepancy) वाले मतदाताओं की है। इसके अलावा नो-मैप (No Mapping) और जनांकिकीय सम प्रविष्टि (Demographic Similar Entry) वाले मतदाता भी शामिल हैं।
जारी आंकड़ों के अनुसार—

  • 45.55 लाख मतदाता तार्किक विसंगति श्रेणी में हैं।
  • 14.03 लाख मतदाता नो-मैप श्रेणी में शामिल हैं।
  • 3.65 लाख मतदाताओं के नाम जनांकिकीय सम प्रविष्टि श्रेणी में दर्ज किए गए हैं।

इन सभी मतदाताओं को निर्वाचन आयोग की ओर से नोटिस भेजा जाएगा और निर्धारित समय के भीतर उन्हें अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा।

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जवाब संतोषजनक होने पर ही जुड़ेगा नाम
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाता को आवश्यक दस्तावेजों और तथ्यों के साथ जवाब देना होगा। यदि जांच के दौरान उनका जवाब संतोषजनक पाया जाता है, तभी उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में बरकरार रखा जाएगा या शामिल किया जाएगा।

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इन्यूमरेशन फॉर्म की जांच जारी
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने बताया कि मतदाताओं द्वारा भरे गए इन्यूमरेशन फॉर्म की जांच अभी जारी है। यदि इस प्रक्रिया के दौरान निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) को किसी मतदाता की पात्रता पर संदेह होता है, तो संबंधित व्यक्ति को भी नोटिस जारी किया जा सकता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह सही, अद्यतन और त्रुटिरहित हो।

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फॉर्म-6, 6A, 7 और 8 पर भी होगी कार्रवाई
निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि फॉर्म-6, फॉर्म-6A, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से प्राप्त आवेदनों पर भी नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएंगे और आवश्यक सत्यापन किया जाएगा। इन फॉर्मों के माध्यम से नए मतदाता पंजीकरण, प्रवासी मतदाताओं का पंजीकरण, नाम हटाने और मतदाता विवरण में संशोधन जैसे आवेदन किए जाते हैं।

जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक
इस बीच मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बुधवार को राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में दावा-आपत्ति की प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी जिलों से अतिरिक्त सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों (AERO) की नियुक्ति के लिए योग्य अधिकारियों की सूची उपलब्ध कराने को कहा, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले मामलों का समय पर निपटारा किया जा सके।

बिना नोटिस और सुनवाई के नहीं हटेगा नाम
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किसी भी नो-मैप या तार्किक विसंगति वाले मतदाता का नाम बिना नोटिस और सुनवाई के नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी मामलों में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाए और प्रत्येक पात्र मतदाता को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाए।

छूटे हुए मतदाता जल्द करें आवेदन
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राज्य के नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी पात्र भारतीय नागरिक का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं है, तो वह फॉर्म-6 और आवश्यक घोषणा-पत्र भरकर अपना नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन करें। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है और प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम इसमें दर्ज होना बेहद जरूरी है। इसलिए सभी लोग समय रहते अपने नाम और विवरण की जांच कर आवश्यक सुधार अवश्य करा लें।

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