14वीं JPSC PT रद्द करने पर सहमति, JSSC CGL पर सरकार अड़ी; 16 दिन से आंदोलनरत छात्रों की वार्ता में 98% मुद्दों पर बनी सहमति
JPSC की बैकलॉग परीक्षाओं पर भी बनी सहमति
पैसे के लेनदेन की जांच ED से कराने पर सहमति
90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की बात

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले 16 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच रविवार को दिनभर लंबी वार्ता चली। कई दौर की बातचीत के बाद सरकार की ओर से गठित प्रतिनिधिमंडल में शामिल मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने दावा किया कि छात्रों और सरकार के बीच करीब 98 प्रतिशत मुद्दों पर सहमति बन गई है, जबकि लगभग दो प्रतिशत मुद्दे अब भी विवाद का विषय बने हुए हैं।
वार्ता के बाद सरकार की ओर से 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा (PT) को रद्द करने पर सहमति बनने की जानकारी दी गई। इसके अलावा JPSC की 2023 और 2025 से जुड़ी बैकलॉग परीक्षाओं को लेकर भी रद्द करने पर सहमति बनने की बात कही गई है। हालांकि, JSSC CGL परीक्षा और TDPL एजेंसी द्वारा कराई गई अन्य परीक्षाओं को लेकर छात्रों और सरकार के बीच अभी भी मतभेद कायम है। इसी वजह से छात्रों ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन फिलहाल समाप्त नहीं होगा।

14वीं JPSC PT रद्द करने पर सरकार तैयार
सरकार की ओर से वार्ता के बाद सबसे बड़ा फैसला 14वीं JPSC PT परीक्षा को लेकर सामने आया। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के अनुसार, सरकार ने इस परीक्षा को रद्द करने पर सहमति जताई है। छात्र लंबे समय से 14वीं JPSC परीक्षा की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे थे। सरकार की ओर से इस मांग को स्वीकार किए जाने को वार्ता का बड़ा परिणाम माना जा रहा है।
JPSC की बैकलॉग परीक्षाओं पर भी बनी सहमति
वार्ता के दौरान JPSC 2023 और 2025 की बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर भी सहमति बनने की जानकारी सरकार की ओर से दी गई। इन परीक्षाओं को लेकर भी छात्र संगठनों की ओर से प्रक्रिया और पारदर्शिता पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। अब सरकार और छात्रों के बीच बनी सहमति के बाद इन परीक्षाओं के भविष्य को लेकर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
पैसे के लेनदेन की जांच ED से कराने पर सहमति
सरकार के प्रतिनिधि मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि परीक्षा से जुड़े कथित मामलों में पैसे के लेनदेन के आरोपों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने पर सहमति बनी है। वहीं, आपराधिक पहलुओं की जांच CID से जारी रखने की बात कही गई है। इस तरह जांच को दो अलग-अलग पहलुओं में आगे बढ़ाने की बात सामने आई है—वित्तीय मामलों की जांच ED और आपराधिक मामलों की जांच CID के स्तर पर।

90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की बात
मंत्री ने बताया कि मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ेगी। सरकार की ओर से कहा गया कि दोषियों के खिलाफ 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य भर्ती परीक्षा से जुड़े मामलों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया को जल्द पूरा करना बताया गया है।

परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञ कमेटी
छात्रों की मांगों में भर्ती परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार भी प्रमुख मुद्दा रहा है। इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित करेगी। यह समिति परीक्षा प्रणाली की कमियों का अध्ययन कर सुधार के सुझाव देगी। इसके आधार पर भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में सरकार कदम उठाएगी।

JSSC CGL परीक्षा पर नहीं बनी सहमति
वार्ता का सबसे महत्वपूर्ण विवादित मुद्दा JSSC CGL परीक्षा रहा। सरकार ने परीक्षा को रद्द करने की छात्रों की मांग पर सहमति नहीं दी। मंत्री ने कहा कि JSSC CGL परीक्षा न्यायालय के आदेश के आधार पर आयोजित हुई थी, इसलिए सरकार इसे रद्द नहीं करेगी।
यही मुद्दा सरकार और छात्रों के बीच बचे हुए प्रमुख मतभेदों में शामिल है।

TDPL की सभी परीक्षाएं रद्द करने की छात्रों की मांग
छात्र प्रतिनिधिमंडल ने TDPL (TSR Data Processing Private Limited) को लेकर भी गंभीर आपत्ति जताई। छात्रों का आरोप है कि इस एजेंसी के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं में भारी अनियमितताएं हुई हैं। छात्रों की मांग है कि TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाए। हालांकि, वार्ता के दौरान सरकार ने इस मांग पर सहमति नहीं दी। यही वजह है कि छात्रों ने साफ कर दिया है कि केवल कुछ मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
98 प्रतिशत सहमति के बावजूद आंदोलन जारी
सरकार के प्रतिनिधि ने भले ही करीब 98 प्रतिशत मुद्दों पर सहमति बनने का दावा किया हो, लेकिन छात्रों की ओर से आंदोलन समाप्त करने की घोषणा नहीं की गई है। छात्रों का कहना है कि जब तक बचे हुए महत्वपूर्ण मुद्दों पर ठोस और लिखित समाधान नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। खास तौर पर JSSC CGL और TDPL से जुड़ी मांगों पर सरकार का रुख छात्रों के लिए अहम है। अब आने वाले दिनों में सरकार और छात्रों के बीच आगे की बातचीत से ही यह स्पष्ट होगा कि आंदोलन समाप्त होता है या फिर 10 अगस्त का प्रस्तावित विधानसभा मार्च अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ता है।
छात्रों के आंदोलन पर टिकी निगाहें
पिछले 16 दिनों से जारी छात्र आंदोलन ने राज्य में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है। छात्र संगठनों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता युवाओं के भविष्य को सीधे प्रभावित करती है। वहीं सरकार का कहना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। अब दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति को जमीन पर लागू करना और शेष विवादित मुद्दों का समाधान करना सरकार के लिए अगली बड़ी चुनौती होगी।
छात्रों के आंदोलन का अगला कदम क्या?
सरकार के साथ वार्ता में कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनने के बावजूद छात्र नेताओं ने आंदोलन समाप्त नहीं किया है। अब TDPL की परीक्षाओं और JSSC CGL से जुड़े मुद्दों पर समाधान आंदोलन की आगे की दिशा तय करेगा।






