JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ BJP का हल्लाबोल, रांची में DC ऑफिस का घेराव
300 से ज्यादा छात्रों पर FIR वापस लेने की मांग
रांची: झारखंड में JPSC और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। छात्रों के आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर झारखंड बीजेपी ने मंगलवार से चार दिवसीय राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन के पहले दिन राजधानी रांची में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालय का घेराव किया और धरना दिया। पार्टी ने इस दौरान अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा। बीजेपी की मुख्य मांग है कि छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए और JSSC-CGL समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच CID के बजाय CBI से कराई जाए। पार्टी का चार दिवसीय आंदोलन 8 से 11 सितंबर तक राज्य के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर चलाया जा रहा है।
रांची में बीजेपी का प्रदर्शन, DC को सौंपा ज्ञापन
राजधानी रांची में मंगलवार को बीजेपी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में डीसी कार्यालय पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अगुवाई में पार्टी ने कार्यालय का घेराव किया और बाहर धरना दिया। बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने डीसी को ज्ञापन सौंपकर छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और भर्ती परीक्षा मामले की CBI जांच कराने की मांग रखी। बीजेपी का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। पार्टी के मुताबिक, आंदोलन के दौरान छात्रों पर बड़ी संख्या में FIR दर्ज की गईं। बीजेपी अब इन्हीं मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बना रही है।
300 से ज्यादा छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग
बीजेपी की पहली बड़ी मांग छात्र आंदोलन से जुड़ी FIR को लेकर है। पार्टी का दावा है कि 300 से अधिक छात्रों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं और इन सभी मामलों को वापस लिया जाना चाहिए। पार्टी नेताओं का कहना है कि छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और अपने अधिकारों को लेकर आवाज उठाई थी। हालांकि, पुलिस की ओर से दर्ज मामलों में प्रदर्शनकारियों पर निषेधाज्ञा के उल्लंघन, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिसकर्मियों पर हमले जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। 10 अगस्त के विधानसभा मार्च के मामले में पुलिस ने करीब 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। बीजेपी इन मुकदमों को छात्र आंदोलन को दबाने की कार्रवाई बताते हुए वापस लेने की मांग कर रही है।
JSSC-CGL मामले में CBI जांच पर अड़ी BJP
बीजेपी की दूसरी प्रमुख मांग JSSC-CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच को लेकर है। पार्टी का कहना है कि मौजूदा जांच एजेंसी CID के बजाय पूरे मामले की जांच CBI से कराई जानी चाहिए।बीजेपी नेताओं का आरोप है कि CID जांच से मामले के सभी पहलुओं का निष्पक्ष खुलासा नहीं हो पाएगा। पार्टी का दावा है कि CBI जांच से परीक्षा में कथित पेपर लीक, अभ्यर्थियों को कथित रूप से अनुचित लाभ पहुंचाने और पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। इस बीच JSSC-CGL मामले में CID की जांच भी जारी है। हाल में CID ने कथित अनियमितताओं के मामले में 11वीं गिरफ्तारी की है। जांच एजेंसी का आरोप है कि गिरफ्तार आरोपी ने कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले संभावित सवालों के जवाब याद करवाने में मदद की थी।
आदित्य साहू बोले- छात्रों के अधिकार से हुआ खिलवाड़
प्रदर्शन के दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सरकार पर छात्रों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के कारण झारखंड के युवाओं के अधिकार प्रभावित हुए हैं। आदित्य साहू ने क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि खोरठा और नागपुरी जैसी क्षेत्रीय भाषाओं की परीक्षा में ऐसे अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिन्हें इन भाषाओं की जानकारी तक नहीं थी। वहीं, इन भाषाओं को बोलने वाले झारखंड के कई छात्र चयन से बाहर रह गए। बीजेपी अध्यक्ष ने इसे परीक्षा व्यवस्था में गंभीर गड़बड़ी का संकेत बताते हुए कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। ये आरोप फिलहाल बीजेपी की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
‘छात्रों को डराने के लिए मुकदमे किए जा रहे’
आदित्य साहू ने दावा किया कि छात्रों ने अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया था। उनके मुताबिक, छात्रों ने किसी नेता के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया, इसके बावजूद उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि बीजेपी छात्रों के साथ खड़ी है और जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, पार्टी आंदोलन जारी रखेगी। इससे पहले बीजेपी ने राज्य सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देकर छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग की थी। मांगें पूरी नहीं होने के बाद पार्टी ने राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया।
सीपी सिंह बोले- जरूरत पड़ी तो और बड़ा आंदोलन
रांची विधायक सीपी सिंह ने प्रदर्शन को आंदोलन की शुरुआत बताते हुए कहा कि अगर छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो बीजेपी इससे बड़ा आंदोलन करेगी। बीजेपी का राज्यव्यापी कार्यक्रम 8 से 11 सितंबर तक चलेगा। पार्टी ने सभी 24 जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और डीसी-एसपी कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम तय किया है।




