रांची में शुरू हुई झारखंड की पहली रोबोटिक सर्जरी सेवा, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया उद्घाटन

रांची: झारखंड में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में पारस एचईसी हॉस्पिटल, रांची ने रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की है। अस्पताल के अनुसार, यह झारखंड का पहला रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी प्रोग्राम है। इसका उद्घाटन झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया।
अस्पताल की आधिकारिक जानकारी के अनुसार रांची स्थित पारस एचईसी में robotic-assisted surgery के लिए अत्याधुनिक प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है और इसका इस्तेमाल जनरल सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, ऑन्को सर्जरी और यूरोलॉजी जैसी विशेषज्ञताओं में किया जा रहा है। इस सुविधा के शुरू होने के साथ झारखंड के मरीजों को रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी के लिए दिल्ली, कोलकाता, हैदराबाद या दूसरे बड़े शहरों का रुख करने की जरूरत कम होने की उम्मीद है।

राज्यपाल ने बताया आधुनिक स्वास्थ्य सेवा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
उद्घाटन समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत को झारखंड में आधुनिक और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल मरीजों को अधिक सटीक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है। राज्यपाल ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी चिकित्सा विज्ञान में तकनीकी प्रगति का उत्कृष्ट उदाहरण है। विशेष रूप से जटिल शल्य चिकित्सा में यह तकनीक चिकित्सकों को बेहतर विजुअलाइजेशन और अधिक नियंत्रण के साथ काम करने में सहायता कर सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सुविधा से झारखंड के मरीजों को राज्य में ही उन्नत सर्जिकल सेवाएं उपलब्ध होंगी।
झारखंड को मेडिकल हब बनाने पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड में ऐसा स्वास्थ्य तंत्र विकसित होना चाहिए, जहां राज्य के लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को इस स्तर तक विकसित किया जाना चाहिए कि देश के दूसरे हिस्सों से भी लोग उन्नत और गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए झारखंड का रुख करें। राज्यपाल ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े सभी संस्थानों से मिलकर काम करने और झारखंड को चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया।
क्या है रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी?
रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी में रोबोट खुद मरीज का ऑपरेशन नहीं करता। पूरी प्रक्रिया प्रशिक्षित सर्जन के नियंत्रण में होती है। सर्जन एक विशेष कंसोल के माध्यम से रोबोटिक उपकरणों को नियंत्रित करता है। पारस एचईसी के अनुसार, इस्तेमाल की जा रही प्रणाली हाई-डेफिनिशन 3D विजुअलाइजेशन और लचीले robotic instruments के जरिए सर्जन को अधिक सटीकता और नियंत्रण प्रदान करती है। इस तकनीक का इस्तेमाल कई ऐसी प्रक्रियाओं में किया जा सकता है, जिनमें छोटे चीरे और सटीक उपकरण संचालन की आवश्यकता होती है।

कई विशेषज्ञताओं में हो सकेगी रोबोटिक सर्जरी
पारस हेल्थ के मैनेजिंग डायरेक्टर धर्मेंद्र नागर ने बताया कि रोबोटिक सिस्टम के जरिए विभिन्न विशेषज्ञता वाले विभागों में सर्जरी की जा सकेगी।उन्होंने बताया कि इसमें प्रमुख रूप से—
- जनरल सर्जरी
- गायनेकोलॉजी
- यूरोलॉजी
- सर्जिकल ऑन्कोलॉजी
- ऑर्थोपेडिक्स

जैसे क्षेत्रों में रोबोटिक असिस्टेड प्रक्रियाओं की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। अस्पताल की वर्तमान आधिकारिक जानकारी में जनरल सर्जरी, ऑब्स्टेट्रिक्स एवं गायनेकोलॉजी, ऑन्को केयर और रीनल साइंसेज में robotic-assisted technology के उपयोग का उल्लेख है।

छोटे चीरे और तेजी से रिकवरी की संभावना
अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी का एक प्रमुख फायदा minimally invasive approach है। इसमें कई प्रक्रियाओं के दौरान पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में छोटे चीरे लगाए जा सकते हैं। अस्पताल के अनुसार इसके संभावित लाभों में कम रक्तस्राव, कम पोस्ट-ऑपरेटिव दर्द, छोटे निशान और अपेक्षाकृत कम अस्पताल प्रवास शामिल हो सकते हैं। हालांकि, वास्तविक लाभ सर्जरी के प्रकार, मरीज की स्थिति और चिकित्सकीय परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं।
राज्य से बाहर इलाज कराने वाले मरीजों को मिलेगी राहत
धर्मेंद्र नागर ने कहा कि अब तक झारखंड के कई मरीज रोबोटिक सर्जरी के लिए देश के बड़े शहरों का रुख करते थे। रांची में यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों और उनके परिवारों को इलाज के लिए लंबी दूरी की यात्रा से राहत मिल सकती है। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों के समय और यात्रा से जुड़े खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है।
पारस हेल्थ की अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं की दिशा में पहल
पारस एचईसी हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि पारस हेल्थ झारखंड के लोगों तक अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उपयुक्त मरीजों में minimally invasive robotic surgery से रिकवरी और अस्पताल में रहने की अवधि में लाभ मिल सकता है, हालांकि इसका निर्णय मरीज की चिकित्सकीय स्थिति और सर्जन के मूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा।
रांची में बढ़ रही आधुनिक सर्जरी की सुविधा
रांची में उन्नत सर्जिकल तकनीक की उपलब्धता झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पारस एचईसी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार अस्पताल में robotic-assisted surgery के लिए विशेषज्ञ सर्जनों और multidisciplinary care की व्यवस्था की गई है। अस्पताल की वेबसाइट पर robotic-assisted urology, general surgery और अन्य प्रक्रियाओं से जुड़ी सेवाओं का भी उल्लेख है।
कार्यक्रम में कई चिकित्सक रहे मौजूद
उद्घाटन कार्यक्रम के अवसर पर डॉ. अमरेंद्र कुमार, डॉ. अभिनव शेखर, डॉ. प्रीति सिंह और डॉ. अमित कुमार समेत अस्पताल के कई चिकित्सक और अधिकारी मौजूद रहे। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी कार्यक्रम के जरिए झारखंड में आधुनिक सर्जिकल तकनीक को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
पारस एचईसी हॉस्पिटल में रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी प्रोग्राम की शुरुआत झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी उन्नयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। रांची में ऐसी सुविधा उपलब्ध होने से राज्य के मरीजों के लिए उन्नत सर्जिकल उपचार तक पहुंच आसान हो सकती है। हालांकि रोबोटिक सर्जरी हर मरीज या हर बीमारी के लिए उपयुक्त नहीं होती। किसी भी मरीज के लिए इसका इस्तेमाल उसकी बीमारी, स्वास्थ्य स्थिति, सर्जरी की जटिलता और विशेषज्ञ चिकित्सक के मूल्यांकन के आधार पर तय किया जाता है।






