JPSC-JSSC आंदोलन: विधानसभा घेराव के बाद लौटने लगे छात्र, जयपाल सिंह स्टेडियम में फिर जुटान

रांची: JPSC और JSSC प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ सोमवार को विधानसभा घेराव के लिए निकले आंदोलनकारी छात्रों का अब वापस लौटना शुरू हो गया है। सुबह से विधानसभा के आसपास जिस तरह छात्रों की भारी भीड़ जुटी थी, अब उसका असर धीरे-धीरे कम होता दिखाई दे रहा है। प्रदर्शनकारी छात्र जयपाल सिंह स्टेडियम की ओर वापस लौट रहे हैं, जबकि विधानसभा के आसपास का इलाका भी धीरे-धीरे खाली हो रहा है।
सोमवार को आंदोलन ने उस वक्त बड़ा रूप ले लिया था, जब राज्य के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे छात्र विधानसभा की ओर बढ़े। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और कई जगहों पर पुलिस की बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया। पूरे घटनाक्रम के दौरान विधानसभा और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही।

विधानसभा घेराव के बाद अब लौट रहे छात्र
विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे छात्रों ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार को ठोस और पारदर्शी कार्रवाई करनी चाहिए। सुबह से बड़ी संख्या में छात्रों के विधानसभा क्षेत्र में पहुंचने के कारण इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। अब घेराव कार्यक्रम के बाद छात्रों का वापस जयपाल सिंह स्टेडियम की ओर लौटना शुरू हो गया है। विधानसभा के आसपास छात्रों की संख्या कम होने के साथ इलाके में भीड़ भी घटती जा रही है।
तनावपूर्ण माहौल के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो रही स्थिति
विधानसभा घेराव के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन के इस्तेमाल की खबरें भी सामने आई थीं। इसके बाद कुछ समय के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अब प्रदर्शनकारी छात्रों के वापस लौटने के साथ विधानसभा के आसपास की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होती नजर आ रही है। हालांकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था अभी भी बनाए रखी गई है।
आंदोलन खत्म नहीं, आगे की रणनीति पर नजर
विधानसभा से छात्रों की वापसी को आंदोलन की समाप्ति के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। आंदोलनकारी पहले से ही अपनी मांगों को लेकर स्पष्ट रुख अपनाए हुए हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में अब सबसे ज्यादा नजर जयपाल सिंह स्टेडियम में होने वाली अगली बैठक और छात्रों की रणनीति पर है। वापस लौट रहे छात्र अपने साथ पूरे दिन के घटनाक्रम का अनुभव लेकर स्टेडियम पहुंच रहे हैं। वहां आंदोलन के अगले चरण को लेकर फैसला लिया जा सकता है।

आंदोलन के समर्थन में फिर उठी आवाज
इधर, आंदोलन के दौरान छात्रों के खिलाफ कथित बल प्रयोग को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी सवाल उठाए गए हैं। छात्रों के समर्थन में यह मांग उठाई गई है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले युवाओं के साथ बल प्रयोग के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाया जाए। छात्रों के समर्थन में जारी संदेश में कहा गया है कि शांतिपूर्ण विरोध करना युवाओं का लोकतांत्रिक अधिकार है और किसी भी विवाद का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए। सरकार से छात्रों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान की दिशा में तत्काल कदम उठाने की अपील भी की गई है।

जयपाल सिंह स्टेडियम बना आंदोलन का अगला केंद्र
विधानसभा घेराव के बाद अब जयपाल सिंह स्टेडियम आंदोलन का अगला प्रमुख केंद्र बनता दिखाई दे रहा है। इससे पहले भी आंदोलनकारी छात्र यहां जुटे थे और अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। अब विधानसभा से वापस लौट रहे छात्रों के यहां पहुंचने के बाद आंदोलन की आगे की दिशा तय होने की संभावना है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत का रास्ता दोबारा खुलेगा? क्या छात्रों की प्रमुख मांगों पर कोई नया प्रस्ताव सामने आएगा? या फिर आंदोलन का अगला चरण और ज्यादा व्यापक होगा?

फिलहाल विधानसभा क्षेत्र से छात्रों की वापसी शुरू हो चुकी है, लेकिन JPSC-JSSC विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।






