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JPSC-JSSC आंदोलन में उबाल: बैरिकेड टूटा, छात्र आगे बढ़े; बाबूलाल समेत अन्य BJP नेताओं को हिरासत में लिया गया

Babulal Marandi
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रांची: JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन विधानसभा घेराव के दौरान बेहद तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया। विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की। मौसीबाड़ी के पास दूसरी बैरिकेडिंग टूटने के बाद छात्र आगे बढ़े और तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था को पार करते हुए चौथे बैरिकेड तक पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ वाटर कैनन भी तैयार रखा गया। प्रदर्शन की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों से भी रिकॉर्डिंग की गई।

बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़े छात्र
JPSC-JSSC विवाद को लेकर विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे छात्रों ने पहले जगन्नाथपुर मंदिर के पास बैरिकेडिंग के सामने धरना दिया। पुलिस ने छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी। लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों की संख्या बढ़ती गई और छात्रों ने आगे बढ़ने का प्रयास शुरू कर दिया। मौसीबाड़ी के पास छात्रों ने दूसरी बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते हुए अगले बैरिकेड तक पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा घेरा मजबूत किया। वहीं छात्र सड़क पर बैठकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते रहे।

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देवेंद्रनाथ महतो भी प्रदर्शन में पहुंचे
आंदोलन के बीच JLKM नेता देवेंद्रनाथ महतो भी विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे। बताया गया कि वह पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। देवेंद्रनाथ महतो प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच पहुंचे और आंदोलन का जायजा लिया। इस दौरान वह पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर लेकर प्रदर्शन करते नजर आए। उनके प्रदर्शन में शामिल होने के बाद आंदोलन को राजनीतिक समर्थन का एक और चेहरा मिला। विधानसभा के आसपास पहले से ही भारी सुरक्षा व्यवस्था थी और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थी।

BJYM कार्यकर्ता भी आंदोलन में शामिल
JPSC-JSSC विवाद को लेकर चल रहे छात्र प्रदर्शन में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के कार्यकर्ता भी शामिल हो गए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों की संख्या और बढ़ गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की। मौके पर वाटर कैनन तैनात रखा गया और अलग-अलग स्थानों पर पुलिस बल की संख्या बढ़ाई गई।

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भाजपा ने किया मुख्यमंत्री आवास घेराव का प्रयास
दूसरी ओर भाजपा ने भी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और भाजपा नेताओं और विधायकों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकते हुए उन्हें डिटेन किया और बाद में खेलगांव ले जाया गया। भाजपा नेताओं के हिरासत में लिए जाने के बाद मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

Adiwasi Mahotsav
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तीन बसों में प्रदर्शनकारियों को खेलगांव ले गई पुलिस
विधानसभा घेराव के दौरान हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को पुलिस तीन बसों में भरकर खेलगांव स्टेडियम लेकर पहुंची। सभी को स्टेडियम के गेस्ट हाउस में रखा गया। सुरक्षा के मद्देनजर खेलगांव परिसर में भी पुलिस बल की तैनाती की गई। हालांकि हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

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विधानसभा के बाहर भी सियासी हलचल
विधानसभा के बाहर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। आजसू विधायक निर्मल महतो धरने पर बैठे, जबकि विधायक जयराम महतो, झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू और मंत्री इरफान अंसारी ने विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत की। इस पूरे घटनाक्रम के बीच विधानसभा के अंदर भी अलग तस्वीर देखने को मिली। उपलब्ध जानकारी के अनुसार विपक्ष का एक भी विधायक सदन में मौजूद नहीं था और सत्ता पक्ष के विधायकों के सवालों पर कार्यवाही चल रही थी।

Adiwasi Mahotsav

छात्र आंदोलन बना सरकार के लिए बड़ी चुनौती
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर लंबे समय से चल रहा छात्र आंदोलन अब सिर्फ परीक्षा विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। आंदोलन में छात्र संगठनों के साथ राजनीतिक दलों और विभिन्न नेताओं की सक्रियता भी दिखाई दे रही है। एक तरफ छात्र परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और अपनी मांगों पर ठोस फैसला चाहते हैं, तो दूसरी तरफ सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए हुए है। बैरिकेडिंग टूटने, प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने और भाजपा नेताओं की हिरासत के बाद रांची में राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच फिर बातचीत का रास्ता खुलेगा, या विधानसभा घेराव की यह तस्वीर झारखंड के छात्र आंदोलन को और बड़ा राजनीतिक रूप देगी? फिलहाल विधानसभा के आसपास भारी पुलिस बल तैनात है, प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और रांची में JPSC-JSSC आंदोलन का यह सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन बनकर सामने आया है।

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