CM हेमंत ने बाल तैराक इशांक सिंह को किया सम्मानित

Ishank Singh

पाल्क स्ट्रेट पार कर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले 7 वर्षीय तैराक को 5 लाख का पुरस्कार

रांची : राजधानी रांची के सात वर्षीय बाल तैराक इशांक सिंह ने अपनी अद्भुत प्रतिभा और साहस से झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। इसी उपलब्धि के लिए गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांके रोड स्थित अपने आवासीय कार्यालय में इशांक सिंह से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इशांक को 5 लाख रुपये का चेक, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने इशांक के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके माता-पिता और कोच को भी बधाई दी।

पाल्क स्ट्रेट पार कर बनाया विश्व रिकॉर्ड
इशांक सिंह ने 30 अप्रैल 2026 को श्रीलंका के तलाईमन्नार से तमिलनाडु के धनुषकोडी तक फैले चुनौतीपूर्ण पाल्क स्ट्रेट को पार कर इतिहास रच दिया। उन्होंने लगातार 9 घंटे 50 मिनट तक तैरते हुए 29 किलोमीटर की दूरी तय की। इस उपलब्धि के साथ इशांक पाल्क स्ट्रेट पार करने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के तैराक बन गए हैं। यूनिवर्सल रिकॉर्ड्स फोरम ने उन्हें “यंगेस्ट एंड फास्टेस्ट पाल्क स्ट्रेट स्विमर” के खिताब से सम्मानित किया है।

कठिन मेहनत और अनुशासन से मिली सफलता
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इतनी कम उम्र में इस तरह की उपलब्धि हासिल करना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि यह इशांक के कठिन परिश्रम, समर्पण और अनुशासन का परिणाम है। इशांक जेवीएम श्यामली में कक्षा 3 के छात्र हैं। इस मिशन की तैयारी के लिए उन्होंने रांची के धुर्वा डैम में रोजाना 7 से 8 घंटे तक कड़ा अभ्यास किया था। इशांक ने जय जसवंत के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

Adiwasi Mahotsav

खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में तैराकी प्रतिभाओं को बेहतर मंच देने के लिए आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और खेल बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इशांक जैसे प्रतिभाशाली बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए हर संभव मदद करेगी।

happy Teacher Day
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झारखंड के लिए गर्व का पल
इशांक सिंह की उपलब्धि को पूरे झारखंड के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है। इतनी कम उम्र में विश्व रिकॉर्ड बनाकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी इस सफलता से राज्य के हजारों युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिली है।

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