JPSC-JSSC महाआंदोलन निर्णायक मोड़ पर, बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े छात्र

Legislative Assembly Gherao (Siege

रांची: JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्रों का महा-आंदोलन सोमवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। राज्य के 24 जिलों से पहुंचे छात्रों का हुजूम हाथों में तिरंगा, पोस्टर और बैनर लेकर नए विधानसभा भवन की ओर बढ़ा। प्रशासन ने उन्हें पुराने विधानसभा के पास बैरिकेडिंग कर रोकने की कोशिश की, लेकिन छात्रों की भीड़ ने पहली बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ने लगी। स्थिति को देखते हुए JPSC-JSSC रिफॉर्म मार्च के प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की। प्रशासन की ओर से भी प्रतिनिधिमंडल से विधानसभा की ओर आगे नहीं बढ़ने का आग्रह किया गया।

भीड़ को रोकने में जुटा प्रतिनिधिमंडल
विधानसभा की ओर बढ़ रही भीड़ को रोकने के लिए JPSC-JSSC रिफॉर्म मार्च के प्रतिनिधिमंडल ने मानव श्रृंखला बनाई। प्रतिनिधिमंडल लगातार छात्रों से शांति बनाए रखने और आगे नहीं बढ़ने की अपील करता रहा। इस दौरान छात्रों और प्रतिनिधिमंडल के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। हालांकि बाद में प्रतिनिधिमंडल ने मानव श्रृंखला बनाकर छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। फिलहाल छात्र सड़क पर बैठ गए हैं और ‘वंदे मातरम’, ‘भारत माता की जय’ और ‘जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे हैं। पुराने विधानसभा के आसपास छात्रों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।

सरकार से वार्ता बेनतीजा रहने के बाद बढ़ा आंदोलन
छात्र आंदोलन के इस बड़े रूप लेने की सबसे बड़ी वजह सरकार और आंदोलनकारियों के बीच हुई वार्ता का बेनतीजा रहना बताया जा रहा है। पिछले दिनों सरकार और छात्रों के बीच तीन दौर की बातचीत हुई। इन बैठकों में JPSC-JSSC परीक्षाओं को रद्द करने, कथित अनियमितताओं की जांच और भविष्य की परीक्षा व्यवस्था में सुधार सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। सरकार की ओर से कुछ मांगों पर सहमति जताई गई, लेकिन JSSC-CGL मामले में CBI जांच की मांग पर सहमति नहीं बन सकी।

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CBI जांच पर अब भी गतिरोध
आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में परीक्षा में कथित अनियमितताओं की CBI जांच शामिल है। छात्रों का कहना है कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है। सरकार की ओर से CBI जांच के बजाय अन्य जांच विकल्पों पर चर्चा की गई, लेकिन छात्र अपनी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और ठोस निर्णय चाहते हैं। इसी गतिरोध के बाद छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा मार्च करने का अपना फैसला कायम रखा।

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‘मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन जारी रहेगा’
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।24 जिलों से छात्रों के रांची पहुंचने और बड़ी संख्या में सड़क पर उतरने के बाद राजधानी में आंदोलन का दबाव और बढ़ गया है। पुराने विधानसभा के पास छात्र फिलहाल सड़क पर मौजूद हैं और नए विधानसभा भवन की ओर बढ़ने की कोशिश को लेकर स्थिति पर लगातार नजर बनी हुई है।

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अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच फिर बातचीत का रास्ता खुलेगा या विधानसभा घेराव का यह आंदोलन और बड़ा रूप लेगा? फिलहाल छात्रों की भीड़, टूटी बैरिकेडिंग और सड़क पर जारी नारेबाजी ने JPSC-JSSC विवाद को झारखंड की राजनीति और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना दिया है।

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