JPSC-JSSC आंदोलन के बीच BJP का शक्ति प्रदर्शन, CM आवास के बाहर प्रदर्शन

रांची: JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विधानसभा घेराव के बीच झारखंड में सियासी हलचल भी तेज हो गई है। एक तरफ बड़ी संख्या में छात्र नए विधानसभा भवन की ओर मार्च की तैयारी कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता पार्टी के झंडे लेकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर पहुंचे हैं और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
CM आवास के बाहर भारी सुरक्षा
मुख्यमंत्री आवास के चारों ओर प्रशासन की ओर से बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। हालांकि, भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा पार कर मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मौके पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों की भारी मौजूदगी के कारण स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। भाजपा का प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है, जब JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन भी अपने चरम पर पहुंच गया है।

पुराने विधानसभा के बाहर जुटे छात्र
इधर, JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विधानसभा घेराव को लेकर भी छात्रों का जुटान लगातार जारी है। पुराने विधानसभा के गेट के बाहर सैकड़ों की संख्या में छात्र पहुंच चुके हैं। छात्रों के हाथों में तिरंगा, पोस्टर और बैनर हैं। वे JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, परीक्षा रद्द करने, निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की योजना नए विधानसभा भवन की ओर मार्च करने की है। राजधानी में अलग-अलग इलाकों से छात्रों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है।
एक तरफ छात्र आंदोलन, दूसरी तरफ BJP का प्रदर्शन
आज रांची में एक साथ दो मोर्चे खुलते नजर आ रहे हैं। एक तरफ JPSC-JSSC अभ्यर्थी सरकार से अपनी मांगों पर ठोस निर्णय की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा मुख्यमंत्री आवास के बाहर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। छात्र आंदोलन और भाजपा के प्रदर्शन के कारण राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। प्रशासन के सामने चुनौती है कि दोनों प्रदर्शनों के बीच कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को सामान्य बनाए रखा जाए।
फिलहाल मुख्यमंत्री आवास के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन और पुराने विधानसभा के पास छात्रों की बढ़ती भीड़ ने झारखंड की राजधानी में राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव बढ़ा दिया है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन प्रदर्शनकारियों को किस तरह नियंत्रित करता है और क्या सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच एक बार फिर बातचीत का रास्ता खुलता है।





