JPSC-JSSC आंदोलन में बड़ा मोड़! 15 अगस्त को रांची में तिरंगा यात्रा, 24 जिलों से जुटेंगे छात्र















रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक बड़े कार्यक्रम की ओर बढ़ रहा है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनरत छात्रों ने 15 अगस्त 2026 को भव्य तिरंगा यात्रा निकालने का फैसला किया है। रिफॉर्म मंच की ओर से किए गए आह्वान के बाद झारखंड के सभी 24 जिलों से छात्रों के रांची पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मंच की ओर से छात्रों से 14 अगस्त की शाम से ही जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचने की अपील की गई है। छात्रों का कहना है कि तिरंगा यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से निकाली जाएगी। इसके जरिए वे अपनी मांगों को एक बार फिर राज्य सरकार तक मजबूती से पहुंचाने की कोशिश करेंगे।
15 अगस्त को तिरंगे के साथ छात्रों की हुंकार
JPSC-JSSC Reform Manch ने विभिन्न छात्र संगठनों से एकजुट होकर तिरंगा यात्रा को सफल बनाने की अपील की है। मंच का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छात्र देश के सम्मान में तिरंगा लेकर सड़क पर उतरेंगे और साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े अपने मुद्दों को सरकार के सामने रखेंगे। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी तरह का टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना है।
















JSSC CGL और JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग
दरअसल, छात्र लंबे समय से JSSC CGL और JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि इन परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं और कथित धांधली हुई है। छात्र पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों का स्पष्ट समाधान जरूरी है। आंदोलनकारियों के मुताबिक, जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।






सरकार की कुछ मांगों पर बनी सहमति
छात्र आंदोलन के दौरान सरकार की ओर से कुछ मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई है। हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी सभी प्रमुख मांगों का अभी तक समाधान नहीं हुआ है। इसी वजह से 15 अगस्त की तिरंगा यात्रा को आंदोलन के अगले चरण के तौर पर देखा जा रहा है। छात्रों का कहना है कि वे इस यात्रा के जरिए सरकार को यह संदेश देना चाहते हैं कि उनकी मांगें अभी भी कायम हैं।
24 जिलों से छात्रों के जुटने की संभावना
रिफॉर्म मंच की अपील के बाद अब नजर इस बात पर है कि स्वतंत्रता दिवस के दिन रांची में कितनी संख्या में छात्र जुटते हैं। यदि सभी 24 जिलों से छात्र पहुंचते हैं, तो यह आंदोलन के अब तक के बड़े कार्यक्रमों में शामिल हो सकता है। प्रशासन की ओर से भी संभावित भीड़ और यातायात व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरतने की संभावना है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर जोर
रिफॉर्म मंच ने छात्रों से अनुशासन बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। मंच का कहना है कि तिरंगा यात्रा किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को सामने रखने का माध्यम है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 15 अगस्त की तिरंगा यात्रा के बाद JPSC-JSSC आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ेगा? क्या सरकार छात्रों की मांगों पर कोई नया कदम उठाएगी या आंदोलन और तेज होगा? स्वतंत्रता दिवस पर रांची में तिरंगे के साथ छात्रों का यह जुटान झारखंड के परीक्षा विवाद में एक अहम मोड़ साबित हो सकता है।




