MMDR संशोधन विधेयक के विरोध में CPI का ऐलान, JPSC घोटाले की न्यायिक जांच की मांग
JPSC मामले में हाईकोर्ट के कार्यरत जजों की कमेटी की मांग
17 अगस्त से राज्यभर में विरोध-प्रदर्शन
















रांची: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) झारखंड राज्य परिषद की महत्वपूर्ण बैठक रविवार, 16 अगस्त 2026 को रांची स्थित पार्टी के राज्य कार्यालय, अल्बर्ट एक्का चौक में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता राज्य परिषद सदस्य कामरेड जैनेन्द्र कुमार ‘तथागत’ ने की। बैठक में JPSC कथित घोटाले, छात्र आंदोलन और केंद्र सरकार के प्रस्तावित खान एवं खनिज (संशोधन) विधेयक, 2026 यानी MMDR संशोधन विधेयक समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद CPI झारखंड ने 17 अगस्त से MMDR संशोधन विधेयक के विरोध में राज्यभर में व्यापक विरोध-प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया।
JPSC मामले में हाईकोर्ट के कार्यरत जजों की कमेटी की मांग
बैठक को संबोधित करते हुए CPI झारखंड के राज्य सचिव महेंद्र पाठक ने JPSC मामले को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छात्रों को CBI और CID की जांच पर भरोसा नहीं है। CPI ने मांग की कि झारखंड सरकार तत्काल हाईकोर्ट के कार्यरत जजों की कमेटी गठित कर JPSC कथित घोटाले की न्यायिक जांच कराए। महेंद्र पाठक के मुताबिक, न्यायिक जांच से पूरे मामले की निष्पक्षता से पड़ताल हो सकेगी और यदि किसी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी छात्रों की जायज मांगों के साथ खड़ी है और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित किए जाने की जरूरत है।















MMDR संशोधन विधेयक का CPI ने किया विरोध
CPI राज्य सचिव महेंद्र पाठक ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित खान एवं खनिज (संशोधन) विधेयक, 2026 का कड़ा विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य के प्राकृतिक संसाधनों में कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता देना राज्य की जनता, मजदूरों और आदिवासी समुदायों के हितों के खिलाफ है। CPI ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर पहला अधिकार यहां के लोगों और राज्य का होना चाहिए। पार्टी ने स्पष्ट किया कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों को कॉरपोरेट हितों के लिए इस्तेमाल किए जाने का विरोध किया जाएगा।


















17 अगस्त से राज्यभर में विरोध-प्रदर्शन
बैठक में निर्णय लिया गया कि 17 अगस्त से CPI झारखंड के नेतृत्व में MMDR संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में राज्यभर में व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी ने मजदूरों, किसानों, छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों से इस विरोध कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। CPI की ओर से कहा गया कि खनिज संसाधनों से जुड़े किसी भी नीतिगत बदलाव में स्थानीय समुदायों और राज्य के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
छात्र आंदोलन को CPI का समर्थन
बैठक में CPI झारखंड ने JPSC-JSSC को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के प्रति भी अपना समर्थन दोहराया। पार्टी ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और सरकार को उनके साथ संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए। पार्टी ने JPSC मामले में न्यायिक जांच की मांग को दोहराते हुए कहा कि छात्रों के बीच जांच प्रक्रिया को लेकर विश्वास कायम करना जरूरी है।
बैठक में ये नेता रहे मौजूद
बैठक और प्रेस वार्ता में CPI झारखंड के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक, राष्ट्रीय परिषद सदस्य पी.के. पांडे, प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त IAS अधिकारी डॉ. रनेंद्र कुमार, राज्य कार्यकारिणी सदस्य ए.के. रसीदी, अधिवक्ता अनिरुद्ध कुमार, अजय कुमार सिंह, अखिलेश कुमार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार फैसल अनुराग, वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार, ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के सचिव विक्रम सिंह, राज्य कार्यकारिणी सदस्य संतोष कुमार रजक, किसान सभा के ईसाक अंसारी, आदिवासी महासभा के छुमु उरांव सहित कई अन्य सदस्य मौजूद रहे।
बैठक के फैसलों के बाद अब नजर 17 अगस्त से प्रस्तावित राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन पर है। वहीं JPSC मामले में CPI की न्यायिक जांच की मांग छात्र आंदोलन के बीच एक नए राजनीतिक रुख के तौर पर सामने आई है।





