दुमका में राज्यपाल संतोष गंगवार ने फहराया तिरंगा, 99 हजार करोड़ के निवेश और एक्सपोर्ट हब का बड़ा ऐलान
















दुमका: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दुमका में आयोजित राजकीय समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और आकर्षक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने झारखंड के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और राज्य के विकास की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का उल्लेख किया।
राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 15 अगस्त केवल एक तारीख नहीं, बल्कि देश के स्वाभिमान, संघर्ष, त्याग और स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रानी लक्ष्मीबाई सहित देश के तमाम स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। उन्होंने झारखंड के वीर सपूतों धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो, तिलका मांझी और नीलांबर-पीतांबर के बलिदान को भी याद किया। राज्यपाल ने कहा कि बिरसा मुंडा का उलगुलान हमें जल, जंगल और जमीन के महत्व का संदेश देता है।















‘विकसित भारत @2047’ के साथ विकसित झारखंड का लक्ष्य
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प के साथ देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष, शिक्षा और डिजिटल विकास के क्षेत्र में भारत नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड में भी शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवाओं और किसानों के कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस बल को आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। राज्यपाल ने युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज में नशामुक्ति के संदेशवाहक बनने की अपील भी की।


















शिक्षा के क्षेत्र में 495 करोड़ रुपये की बड़ी पहल
राज्यपाल ने शिक्षा क्षेत्र में सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा व्यक्ति के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। ‘नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के करीब 10 लाख निरक्षरों को साक्षर बनाया गया है। माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए 495 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। राज्य में 35 हजार से अधिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना संचालित होने की बात भी राज्यपाल ने कही। वहीं, ‘मांकी मुण्डा छात्रवृत्ति योजना’ के तहत तकनीकी पाठ्यक्रमों की छात्राओं को सालाना 25 हजार रुपये और डिप्लोमा छात्राओं को 15 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जा रही है।
6 नए मेडिकल कॉलेज और RIMS-2 पर जोर
राज्यपाल ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी RIMS-2 का निर्माण तेजी से चल रहा है। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम, खूंटी, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और धनबाद में PPP मोड पर 6 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना को भी चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने की बात कही गई।
किसानों को MSP के साथ बोनस
राज्यपाल ने कृषि क्षेत्र की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि धान अधिप्राप्ति व्यवस्था को मजबूत किया गया है। खरीफ विपणन मौसम में करीब 5 लाख मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ 81 रुपये प्रति क्विंटल विशेष बोनस दिए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी।
झारखंड में 99 हजार करोड़ से अधिक निवेश का दावा
औद्योगिक विकास और निवेश को लेकर राज्यपाल ने बड़ा आंकड़ा सामने रखा। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के माध्यम से 99 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के लिए 10 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य निवेश के जरिए उद्योग, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
संथाल परगना बनेगा एक्सपोर्ट हब
दुमका में राज्यपाल के भाषण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा संथाल परगना के विकास से जुड़ा रहा। उन्होंने कहा कि संथाल परगना के सभी जिलों को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए स्थानीय उत्पादों की पहचान कर ली गई है। उपायुक्तों की अध्यक्षता में विशेष समितियों का गठन किया गया है, जो स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में काम करेंगी।
युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप पर फोकस
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड की युवा शक्ति राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। रोजगार को केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित रखने के बजाय निजी क्षेत्र, उद्योग, पर्यटन, कृषि और स्वरोजगार के माध्यम से अवसर पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए ऋण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।
पर्यटन और इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
राज्यपाल ने झारखंड के पर्यटन स्थलों की क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि हुंडरू, दशम, नेतरहाट, देवघर, बासुकीनाथ और मलूटी जैसे पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है। पर्यटन और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए 13 स्थानों पर पार्कों के निर्माण की योजना का भी उल्लेख किया गया।
महिलाओं के खातों में 15 हजार करोड़ रुपये का हस्तांतरण
महिला सशक्तिकरण पर राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के माध्यम से पिछले वित्तीय वर्ष में महिलाओं के खातों में करीब 15 हजार करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है।
पेसा कानून और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय समाज की पारंपरिक व्यवस्था और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने के लिए पेसा कानून लागू किया गया है। सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। डिजिटल तकनीक के जरिए सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
‘विकसित झारखंड’ में युवाओं की भूमिका अहम
अपने संबोधन के अंत में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने युवाओं, महिलाओं और प्रदेश के सभी नागरिकों से विकसित झारखंड के निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य की ऊर्जा, प्रतिभा और सकारात्मक सोच को विकास की दिशा में लगाना जरूरी है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल सुरक्षाबलों के जवानों की सराहना करते हुए उनके अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा की।






