JPSC-JSSC आंदोलन: छात्रों से बातचीत के लिए सरकार ने 17 अगस्त को बुलाया, विधिक सलाहकार भी रहेंगे साथ
















रांची: JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ संवाद के जरिए समाधान निकालने की दिशा में झारखंड सरकार ने एक और पहल की है। राज्य सरकार की ओर से आंदोलनरत छात्रों को 17 अगस्त 2026 को दोपहर 2 बजे बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया है। सरकार की ओर से छात्रों को प्रस्ताव दिया गया है कि वे अपने विधिक सलाहकारों के साथ बातचीत में शामिल हो सकते हैं। इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) और एडीएम, लॉ एंड ऑर्डर की ओर से आंदोलनरत छात्रों को जानकारी दी गई।
छात्रों से संवाद के जरिए समाधान की कोशिश
JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र पिछले कई दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे हैं। छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की जांच और अपनी प्रमुख मांगों पर सरकार से ठोस निर्णय की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के बीच सरकार की ओर से बातचीत का यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब छात्र आंदोलन को लगातार तेज करने की घोषणा कर चुके हैं। छात्रों की ओर से 11वीं से 13वीं JPSC और JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने तथा पूरे मामले की CBI जांच की मांग प्रमुख रूप से उठाई जा रही है।















विधिक सलाहकारों के साथ बातचीत का प्रस्ताव
सरकार की ओर से बातचीत को अधिक व्यवस्थित और गंभीर बनाने के लिए छात्रों को उनके विधिक सलाहकारों के साथ बैठक में शामिल होने का विकल्प दिया गया है। एसडीओ और एडीएम, लॉ एंड ऑर्डर ने धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों को बैठक की जानकारी दी। अब देखना होगा कि आंदोलनरत छात्र सरकार के इस बातचीत के प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं या नहीं। यदि छात्र बातचीत में शामिल होते हैं, तो बैठक में परीक्षा से जुड़ी उनकी मांगों और कथित अनियमितताओं पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।


















आंदोलन के बीच सरकार की पहल अहम
छात्र आंदोलन के दौरान इससे पहले भी प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत की गई है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छात्रों ने तिरंगा यात्रा भी निकाली थी। अब सरकार की ओर से औपचारिक रूप से बातचीत के लिए आमंत्रित किया जाना आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फिलहाल 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे होने वाली प्रस्तावित बातचीत पर सभी की नजरें टिकी हैं। यह बैठक छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध खत्म करने की दिशा में कितनी प्रभावी साबित होती है, यह बातचीत के दौरान सामने आने वाले प्रस्तावों और दोनों पक्षों के रुख पर निर्भर करेगा।


