झारखंड में नवंबर के दूसरे हफ्ते से पड़ेगी हाड़ कंपाने वाली ठंड, ला नीना का पड़ेगा असर

Impact of La Nina

झारखंड में समय से पहले दस्तक दे रही सर्दी

झारखंड: झारखंड में इस बार सर्दी ने सामान्य से पहले ही दस्तक दे दी है। आमतौर पर नवंबर के मध्य में ठंड शुरू होती है, लेकिन इस वर्ष अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से ही तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि नवंबर के दूसरे सप्ताह से राज्य में हाड़ कंपाने वाली ठंड शुरू हो जाएगी।

हिमालय क्षेत्र में भारी बर्फबारी की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार हिमालय क्षेत्र में सामान्य से अधिक बर्फबारी हो सकती है। इसका सीधा असर झारखंड सहित उत्तर, मध्य और पूर्व भारत के राज्यों पर पड़ेगा। तापमान में लगातार गिरावट के साथ सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ेगी।

रिकॉर्ड तोड़ सकती है ठंड
अनुमान है कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह से जनवरी के दूसरे सप्ताह तक पारा कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ सकता है। राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान एकल अंकों में पहुंच सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होगा।

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ला नीना के कारण गिरेगा तापमान
मौसम विभाग के अनुसार इस बार ला नीना की स्थिति बनी हुई है। यह एक ऐसी मौसमी परिघटना है जिसमें प्रशांत महासागर के पूर्वी क्षेत्र में समुद्र का तापमान सामान्य से नीचे चला जाता है। इसका असर भारत समेत कई देशों के मौसम पर पड़ता है। इस वजह से इस साल औसत तापमान 3 से 4 डिग्री तक कम हो सकता है।

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स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी
तेज ठंड से बचाव के लिए विशेषज्ञों ने लोगों को अभी से सतर्क रहने की सलाह दी है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। साथ ही, प्रशासन ने भी अस्पतालों को ठंड से संबंधित बीमारियों के लिए तैयार रहने को कहा है।

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ग्रामीण और शहरी इलाकों पर असर
जहां एक ओर शहरों में लोग गर्म कपड़े और हीटर का सहारा लेंगे, वहीं ग्रामीण इलाकों में अलाव ही ठंड से बचने का प्रमुख साधन रहेगा। स्कूल-कॉलेजों के समय में भी बदलाव संभव है। यह ठंड न केवल जनजीवन को प्रभावित करेगी, बल्कि स्वास्थ्य और दैनिक गतिविधियों पर भी असर डाल सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के सभी उपाय पहले से ही शुरू करने की सलाह दी है।

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