सरला बिरला पब्लिक स्कूल में देशभक्ति के उल्लास के साथ मना 80वां स्वतंत्रता दिवस
















रांची: सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची में 15 अगस्त 2026 को भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति, गौरव और उत्साह के साथ मनाया गया। समारोह में विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में वंदे मातरम् के सामूहिक गायन, शौर्य मार्च, देशभक्ति गीत, वीर गाथा, समूह नृत्य और काव्य प्रस्तुतियों ने समारोह को खास बना दिया।
‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से हुआ आगाज
समारोह की शुरुआत ‘वंदे मातरम्—मातृभूमि को भव्य नमन’ कार्यक्रम से हुई। ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गीत का भावपूर्ण गायन किया।‘वंदे मातरम्’ की गूंज से पूरा परिसर राष्ट्रप्रेम और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना से भर गया। इसके बाद गरिमामय माहौल में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और राष्ट्रगान के साथ देश को नमन किया गया।















राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा रहे मुख्य अतिथि
समारोह में राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान सरला बिरला विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) गोपाल पाठक, कुलपति प्रो. (डॉ.) सी. जगन्नाथन और सरला बिरला पब्लिक स्कूल की प्राचार्या मनीषा शर्मा भी मौजूद रहीं। मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों के त्याग, संघर्ष और अदम्य साहस को याद किया।


















देशभक्ति केवल पर्व मनाने तक सीमित नहीं
डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने कहा कि देशभक्ति केवल राष्ट्रीय पर्व मनाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। अनुशासन, ईमानदारी, सेवा भावना और राष्ट्र की प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता ही देशभक्ति की वास्तविक अभिव्यक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारत की गौरवशाली विरासत पर गर्व करने और देश को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं विकसित बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं और आने वाले समय में देश की दिशा तय करने में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
‘शौर्य मार्च’ में दिखा साहस और अनुशासन
समारोह में ‘शौर्य मार्च—गौरव और देशभक्ति की पदयात्रा’ का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ मार्च प्रस्तुत किया। इसके बाद ‘देश भक्ति स्वर—मातृभूमि की मधुर धुनें’ के माध्यम से विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। वहीं ‘वीर गाथा—साहस और बलिदान की कहानियां’ कार्यक्रम के जरिए स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और राष्ट्र सेवा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महानायकों को श्रद्धांजलि दी गई।

‘राष्ट्र रंग’ ने बांधा समां
समारोह का प्रमुख आकर्षण ‘राष्ट्र रंग—द कलर्स ऑफ द नेशन’ समूह नृत्य रहा। विद्यार्थियों की ऊर्जा, शानदार प्रस्तुति और देशप्रेम से ओतप्रोत भाव-भंगिमाओं ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। इस प्रस्तुति के जरिए भारत की विविधता, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता की खूबसूरत तस्वीर पेश की गई।
कविता और प्रेरक शब्दों से दिया जिम्मेदार नागरिकता का संदेश
कार्यक्रम में साहित्यिक प्रस्तुतियों ने भी विशेष प्रभाव छोड़ा। ‘काव्यांजलि—भारत को काव्य समर्पण’ के जरिए विद्यार्थियों ने देश की सुंदरता, विविधता और जीवटता को काव्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया। वहीं ‘राष्ट्रीय प्रेरणा—प्रेरणादायी शब्द’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को ईमानदारी, अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा जैसे मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया। समारोह की विभिन्न प्रस्तुतियों ने स्वतंत्रता दिवस को महज एक औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर स्वतंत्रता, बलिदान, राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदार नागरिकता का जीवंत उत्सव बना दिया।





