झारखंड में रिकॉर्डतोड़ बारिश, रांची में सामान्य से ढाई गुना अधिक वर्षा | कई जिलों में येलो अलर्ट जारी

Jharkhand Rainfall 2025

रांची | 9 जुलाई 2025: झारखंड में बीते आठ दिनों से लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राज्य भर में एक जुलाई से आठ जुलाई के बीच कुल 440.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो कि सामान्य औसत से 175.4 मिमी ज्यादा है। यह असामान्य वृद्धि मानसून की सक्रियता और बदलते जलवायु व्यवहार की ओर इशारा करती है।

राजधानी रांची में स्थिति और भी गंभीर रही है। यहां अब तक 675.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 273.2 मिमी मानी जाती है। यानी रांची में ढाई गुना ज्यादा वर्षा हुई है। शहर के कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी रही और कई ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को नुकसान की सूचना है।

येलो अलर्ट और वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग ने खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और आपदा प्रबंधन की टीमें सक्रिय हैं। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे फसल और खुद की सुरक्षा के लिए सुरक्षित स्थानों पर रहें।

अन्य 20 जिलों में मौसम विभाग ने फिलहाल कोई विशेष चेतावनी नहीं दी है। हालांकि, वहां हल्की बारिश और आंशिक बादल छाए रहने की संभावना बनी हुई है।

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आगे क्या कहता है मौसम का मिज़ाज?
आईएमडी के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि 10 और 11 जुलाई को वर्षा में थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लेकिन 12 जुलाई से फिर से एक नया साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) सक्रिय होगा, जिससे झारखंड के अधिकांश हिस्सों में एक बार फिर मूसलधार बारिश हो सकती है।

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यह साइक्लोनिक सिस्टम बंगाल की खाड़ी की ओर से बढ़ रहा है और इसके प्रभाव से रांची, लोहरदगा, चाईबासा, सरायकेला, चतरा और बोकारो समेत अन्य जिलों में वर्षा की संभावना बढ़ सकती है।

असर: जनजीवन, यातायात और खेती
भारी बारिश के कारण कई ग्रामीण इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। वहीं, शहरी क्षेत्रों में जलनिकासी की समस्या के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यातायात प्रभावित हुआ है और स्कूल-कॉलेजों में उपस्थिति भी घटी है।

वहीं दूसरी ओर, कृषि के लिए यह बारिश वरदान साबित हो रही है। धान की रोपनी के लिए यह समय महत्वपूर्ण होता है, और लगातार हो रही बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है। किसानों के चेहरों पर राहत की मुस्कान देखी जा रही है, क्योंकि इस साल मानसून अच्छा रहने की उम्मीद है।

प्रशासन और नागरिकों के लिए सलाह
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि खुले में बिजली गिरने के दौरान न जाएं, मोबाइल और बिजली के उपकरणों का प्रयोग सावधानी से करें। जिन जिलों में येलो अलर्ट है, वहां प्रशासन को राहत और बचाव के संसाधन तैनात करने का निर्देश दिया गया है।

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