JPSC-JSSC परीक्षा गड़बड़ी केस में बड़ा एक्शन, अभय तिवारी के भाई और पत्नी से पूछताछ
जांच एजेंसियां खंगाल रही हैं पूरे नेटवर्क की कड़ियां
दोनों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया
Ranchi/Giridih News: JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। झारखंड CID की जांच के बीच अब गिरिडीह पुलिस भी मामले में सक्रिय हो गई है। सोमवार-मंगलवार की देर रात पुलिस की विशेष टीम ने परीक्षा एजेंसी TDPL के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के घर पहुंचकर उनके भाई अक्षय तिवारी और पत्नी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विशेष टीम दोनों को उनके घर से गिरिडीह लेकर पहुंची। इसके बाद दोनों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े नेटवर्क में अभय तिवारी के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल थे और उनकी क्या भूमिका रही है।
अभय तिवारी के भाई और पत्नी से क्यों हो रही पूछताछ?
पुलिस की कार्रवाई को JPSC-JSSC परीक्षा गड़बड़ी मामले की जांच की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। हालांकि, अक्षय तिवारी और अभय तिवारी की पत्नी की भूमिका को लेकर पुलिस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक आरोप सामने नहीं आया है। पुलिस दोनों से अलग-अलग पूछताछ कर मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारी का जांच में पहले से मिले तथ्यों और साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है।




अभय तिवारी पहले ही CID की गिरफ्त में
गौरतलब है कि JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच झारखंड CID कर रही है। जांच के दौरान परीक्षा एजेंसी TDPL के मार्केटिंग मैनेजर रहे अभय तिवारी को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, अभय तिवारी से पूछताछ के दौरान परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग सामने आए हैं। इसी आधार पर जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।





PGT परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों की भी जांच
मामले में JSSC की पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेंड टीचर कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन यानी PGT परीक्षा भी जांच के दायरे में है। यह परीक्षा 3,120 पदों पर नियुक्ति के लिए कंप्यूटर आधारित माध्यम से आयोजित की गई थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित तौर पर किस स्तर पर अनियमितता हुई, परीक्षा एजेंसी से जुड़े कौन-कौन लोग इसमें शामिल थे और अभ्यर्थियों तक कथित तौर पर मदद पहुंचाने का कोई नेटवर्क था या नहीं।
जांच में सामने आए तथ्यों का हो रहा सत्यापन
अभय तिवारी के भाई और पत्नी से पूछताछ के दौरान पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अभय तिवारी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और परीक्षा से जुड़े मामलों में उनकी क्या भूमिका हो सकती है। हालांकि, किसी व्यक्ति से पूछताछ होना अपने आप में उसके दोषी होने का प्रमाण नहीं है। पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
और लोगों पर भी कस सकता है शिकंजा
JPSC-JSSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID की कार्रवाई पहले से जारी है। जैसे-जैसे पूछताछ और दस्तावेजों की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कथित नेटवर्क से जुड़े नए नाम सामने आने की संभावना बनी हुई है। अभय तिवारी के भाई और पत्नी से पूछताछ के बाद अब जांच एजेंसियां उनके बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान करेंगी। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उससे भी पूछताछ या आगे की कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी का नेटवर्क आखिर कितना बड़ा है और इसकी आखिरी कड़ी कहां तक जाती है? गिरिडीह पुलिस और CID की जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है।





