HEC संकट के बीच 19 अगस्त को रांची आएगी केंद्रीय कमेटी,तीनों प्लांट का होगा निरीक्षण
तिरुचि शिवा के नेतृत्व में पहुंचेगी छह सदस्यीय टीम
झारखंड सरकार के सचिव के साथ भी होगी बैठक
रांची: गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC) को पुनर्जीवित करने की कवायद अब तेज हो गई है। एचईसी की मौजूदा स्थिति, उत्पादन क्षमता और भविष्य की संभावनाओं का जायजा लेने के लिए केंद्रीय संसदीय कमेटी तीन दिवसीय दौरे पर 19 अगस्त 2026 को रांची पहुंचेगी। कमेटी के दौरे को एचईसी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से आर्थिक संकट, संसाधनों की कमी और अन्य चुनौतियों से जूझ रहे सार्वजनिक क्षेत्र के इस महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान के भविष्य को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
20 अगस्त को तीनों प्लांट का निरीक्षण
जानकारी के अनुसार केंद्रीय संसदीय कमेटी 20 अगस्त को एचईसी के तीनों प्रमुख प्लांटों का स्थलीय निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान कमेटी एचईसी की उत्पादन व्यवस्था, आधारभूत संरचना और वर्तमान संचालन की स्थिति का जायजा लेगी। इस दौरान एचईसी के सीएमडी केएस मूर्ति समेत सभी निदेशकों की मौजूदगी रहेगी। कंपनी के अधिकारी कमेटी को प्लांट की मौजूदा स्थिति और संस्थान के सामने मौजूद चुनौतियों से अवगत कराएंगे।




झारखंड सरकार के सचिव के साथ भी होगी बैठक
कमेटी के कार्यक्रम में झारखंड सरकार के सचिव के साथ बैठक भी महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। 20 अगस्त को ही राज्य सरकार के सचिव के साथ अहम बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में एचईसी से जुड़े विभिन्न मुद्दों, राज्य सरकार की भूमिका और संस्थान के पुनरुद्धार से संबंधित संभावित उपायों पर चर्चा होने की उम्मीद है।





तिरुचि शिवा के नेतृत्व में पहुंचेगी छह सदस्यीय टीम
केंद्रीय संसदीय कमेटी की छह सदस्यीय टीम का नेतृत्व सांसद तिरुचि शिवा करेंगे। टीम में सांसद हंसमुख भाई पटेल समेत चार अन्य सांसद भी शामिल हैं। कमेटी के रांची दौरे को एचईसी के लिए इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि संस्थान के पुनरुद्धार को लेकर केंद्र स्तर पर विभिन्न स्तरों पर चर्चा होती रही है। ऐसे में प्लांटों का प्रत्यक्ष निरीक्षण और अधिकारियों के साथ संवाद भविष्य की रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

आर्थिक संकट से जूझ रहा है एचईसी
रांची स्थित एचईसी देश के महत्वपूर्ण भारी इंजीनियरिंग प्रतिष्ठानों में शामिल रहा है। इस संस्थान ने देश के औद्योगिक विकास और विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए भारी मशीनरी एवं उपकरण उपलब्ध कराने में लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से एचईसी गंभीर वित्तीय और संचालन संबंधी चुनौतियों से गुजर रहा है। कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे, उत्पादन में आई बाधाएं और वित्तीय दबाव संस्थान के सामने बड़ी चुनौतियां रहे हैं। ऐसे में केंद्रीय संसदीय कमेटी का दौरा एचईसी के पुनरुद्धार की दिशा में संभावित अगले कदमों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कर्मचारियों और रांचीवासियों की नजर कमेटी की रिपोर्ट पर
एचईसी के भविष्य को लेकर कर्मचारियों के साथ-साथ रांची के लोगों की भी नजर केंद्रीय कमेटी के दौरे पर है। एचईसी केवल एक औद्योगिक संस्थान नहीं, बल्कि रांची की औद्योगिक पहचान और अर्थव्यवस्था से भी गहराई से जुड़ा रहा है। अब देखना होगा कि तीनों प्लांटों के निरीक्षण और झारखंड सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कमेटी क्या निष्कर्ष सामने रखती है और एचईसी को आर्थिक संकट से बाहर निकालने के लिए क्या ठोस सुझाव देती है।




