अमित शाह से मिले झारखंड BJP के दिग्गज, दिल्ली बैठक ने बढ़ाई सियासी हलचल
जमशेदपुर/नई दिल्ली: झारखंड की राजनीति में चल रही सियासी गतिविधियों के बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश के शीर्ष नेताओं ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से महत्वपूर्ण मुलाकात की। झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में राज्य के चार पूर्व मुख्यमंत्री सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के बाद झारखंड के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बैठक में राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, भाजपा संगठन की स्थिति और पार्टी की आगामी रणनीति समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की बात सामने आई है।
अमित शाह के साथ बैठक में चार पूर्व मुख्यमंत्री
नई दिल्ली में हुई इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के साथ पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, रघुवर दास, अर्जुन मुंडा और चंपाई सोरेन समेत भाजपा के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।एक साथ प्रदेश भाजपा के इतने वरिष्ठ नेताओं की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब राज्य में छात्र आंदोलन, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता और सरकार-विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं।

झारखंड की मौजूदा राजनीति पर विस्तृत चर्चा
पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार बैठक में झारखंड के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर विस्तार से बातचीत हुई। राज्य में भाजपा की आगामी राजनीतिक रणनीति के साथ संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी मंथन किया गया। बैठक में किन विशिष्ट फैसलों पर सहमति बनी, इसे लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व की एक साथ मौजूदगी के कारण इस मुलाकात को सामान्य शिष्टाचार भेंट से कहीं अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संगठन की मजबूती पर भी मंथन
भाजपा झारखंड में संगठन को बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक मजबूत करने पर लगातार जोर देती रही है। ऐसे में अमित शाह के साथ हुई बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों और आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा होने की बात कही जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में हुई इस मुलाकात को राज्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के बीच बेहतर समन्वय और आगामी राजनीतिक रणनीति तैयार करने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।
छात्र आंदोलन और परीक्षाओं का मुद्दा भी राजनीतिक केंद्र में
झारखंड में हाल के दिनों में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ा छात्र आंदोलन देखने को मिला है। भाजपा इस मुद्दे पर राज्य सरकार को लगातार घेरती रही है और कथित परीक्षा अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग उठा रही है। इसी के साथ राज्य की राजनीति में रोजगार, नियुक्तियां, कानून-व्यवस्था और विकास से जुड़े मुद्दों पर भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। ऐसे राजनीतिक माहौल में अमित शाह के साथ झारखंड भाजपा के शीर्ष नेताओं की बैठक का महत्व और बढ़ गया है।

चार पूर्व मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी बनी चर्चा का विषय
बैठक की सबसे खास बात बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, रघुवर दास और चंपाई सोरेन जैसे चार पूर्व मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी रही। ये सभी झारखंड की राजनीति में लंबे अनुभव और अलग-अलग क्षेत्रों में राजनीतिक प्रभाव रखने वाले नेता हैं। इन नेताओं का प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के साथ केंद्रीय नेतृत्व से मिलना इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि भाजपा आने वाले समय की राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति पर अपने वरिष्ठ नेतृत्व के साथ व्यापक स्तर पर मंथन कर रही है। हालांकि बैठक के बाद पार्टी की ओर से किसी बड़े राजनीतिक या संगठनात्मक फैसले की घोषणा नहीं की गई है। इसलिए बैठक को लेकर किसी संभावित बदलाव या निर्णय पर अभी अटकल लगाने के बजाय आधिकारिक घोषणा का इंतजार महत्वपूर्ण होगा।
झारखंड की राजनीति में बढ़ी हलचल
नई दिल्ली की इस बैठक के बाद अब नजर भाजपा के अगले कदम पर रहेगी। पार्टी आने वाले दिनों में राज्य सरकार के खिलाफ किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाती है और संगठनात्मक स्तर पर क्या रणनीति अपनाती है, यह झारखंड की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि अमित शाह के साथ झारखंड भाजपा के शीर्ष नेताओं की यह मुलाकात राज्य की मौजूदा राजनीति, संगठन और आगामी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण रही है।





