डीपीएस रांची और केरली स्कूल में “ढाई आखर” पत्र लेखन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन

शिक्षा और रचनात्मकता

भारतीय डाक विभाग, रांची डिवीजन ने एक अनूठी पहल के तहत “ढाई आखर” पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन डीपीएस रांची और केरली स्कूल में किया। वरिष्ठ डाक अधीक्षक उदयभान सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्रों, शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के बीच उत्साह और रचनात्मकता का माहौल बनाया।

इस प्रतियोगिता का उद्देश्य डिजिटल युग में लगभग भुला दी गई पत्र लेखन की कला को पुनर्जीवित करना था। डाक विभाग ने यह प्रयास किया कि पत्र लेखन जैसे व्यक्तिगत और प्रभावशाली माध्यम के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक किया जा सके। प्रतियोगिता में बच्चों और शिक्षकों ने अपने विचारों और भावनाओं को कागज पर उकेरा और रांची जीपीओ द्वारा उपलब्ध कराए गए विशेष पत्र बक्सों में इन्हें स्वयं जमा किया।

प्रतिभागियों का उत्साह
प्रतियोगिता के दौरान छात्रों और शिक्षकों ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करते हुए पत्रों के माध्यम से विविध विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्रों ने इस अनुभव को बेहद रोमांचक और सीखने योग्य बताया। एक छात्र ने कहा, “यह प्रतियोगिता हमारे लिए न केवल अपनी भाषा और लेखन शैली को निखारने का अवसर थी, बल्कि हमें यह भी सिखाया गया कि पत्र लिखना केवल एक माध्यम नहीं, बल्कि हमारी भावनाओं को व्यक्त करने का एक खास तरीका है।”

शिक्षकों ने भी इस आयोजन की सराहना की और कहा कि यह पहल न केवल छात्रों के लिए, बल्कि उनके लिए भी एक प्रेरणादायक अनुभव थी। प्रधानाचार्यों ने प्रतियोगिता को स्कूल के शैक्षणिक कार्यक्रमों में शामिल किए जाने पर प्रसन्नता जाहिर की और कहा कि यह प्रयास बच्चों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होगा।

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डाक विभाग की भूमिका
कार्यक्रम में रांची डिवीजन के फिलेटली ब्यूरो के प्रभारी और विपणन कार्यकारी संदीप कुमार और करुणानिधि ने प्रतिभागियों को प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि पत्र लेखन का महत्व आज भी कायम है और यह केवल एक संचार माध्यम नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर भी है।

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संदीप कुमार ने कहा, “डिजिटल युग में जहां संदेश भेजने के अनेक त्वरित माध्यम उपलब्ध हैं, वहीं पत्र लेखन एक ऐसा कला रूप है, जो हमारी भावनाओं और विचारों को गहराई से व्यक्त करता है। यह पहल हमारी नई पीढ़ी को इस कला के प्रति जागरूक करने का एक प्रयास है।”

कार्यक्रम की विशेषताएं

  1. विशेष पत्र बक्से का उपयोग: प्रतियोगिता के लिए रांची जीपीओ ने विशेष पत्र बक्से उपलब्ध कराए थे, जिनमें प्रतिभागियों ने अपने पत्र जमा किए।
  2. शिक्षकों और छात्रों का सहभाग: इस कार्यक्रम ने न केवल छात्रों को बल्कि शिक्षकों को भी उनकी रचनात्मकता और अभिव्यक्ति के लिए एक मंच प्रदान किया।
  3. रचनात्मकता और भाषा कौशल का विकास: इस प्रतियोगिता ने प्रतिभागियों को अपने भाषा कौशल को निखारने और रचनात्मक अभिव्यक्ति का मौका दिया।

कार्यक्रम का समापन और आभार प्रदर्शन

डाक विभाग ने प्रतियोगिता को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए विद्यालय प्रशासन, प्रतिभागियों और शिक्षकों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। विभाग ने इस आयोजन को एक बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि यह पहल पत्र लेखन को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस आयोजन से प्रेरित होकर डाक विभाग ने भविष्य में ऐसे और भी कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया, ताकि पत्र लेखन की कला को बढ़ावा दिया जा सके। प्रतिभागियों ने इस अनुभव को बेहद सकारात्मक और आनंददायक बताया और डाक विभाग के प्रयासों की सराहना की।

“ढाई आखर” प्रतियोगिता न केवल पत्र लेखन की कला को पुनर्जीवित करने का प्रयास है, बल्कि यह नई पीढ़ी के लिए भाषा, संचार और रचनात्मकता के महत्व को समझाने का एक सार्थक प्रयास भी है। रांची डिवीजन का यह कदम निश्चित रूप से एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है, जो आने वाले समय में संचार के पारंपरिक और प्रभावी तरीकों को सहेजने में मदद करेगा।

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