सोने का ‘ब्रेकफेल’! ₹18 हजार टूटा गोल्ड, चांदी ₹1.21 लाख लुढ़की, अब आगे क्या?

Gold Price Crash 2026

जंग के बीच भी क्यों गिर रहे सोना-चांदी के दाम? निवेशकों के लिए क्या अभी खरीदारी का सही मौका है

नई दिल्ली: Gold और Silver की कीमतों में इस बार ऐसा उतार देखा जा रहा है, जिसने निवेशकों को चौंका दिया है। आमतौर पर युद्ध और वैश्विक तनाव के समय सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है और इसकी कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल उलट दिख रही है। जनवरी 2026 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा सोना अब करीब 18 हजार रुपये तक सस्ता हो चुका है, जबकि चांदी अपने ऑल टाइम हाई से 1.21 लाख रुपये तक टूट चुकी है।

पांच दिनों में भारी गिरावट
बीते पांच दिनों में ही चांदी लगभग 33 हजार रुपये तक लुढ़क गई है। वहीं सोने की कीमत 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से गिरकर करीब 1.57 लाख रुपये तक पहुंच गई है। MCX पर बुधवार को सोना 0.41 प्रतिशत टूटकर लगभग 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी 0.79 प्रतिशत गिरकर 2.67 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करती दिखी।

ऑल टाइम हाई से कितना नीचे आया सोना?
28 जनवरी 2026 को सोना अपने रिकॉर्ड स्तर 1,76,430 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। अब यह करीब 18 हजार रुपये नीचे आ चुका है। इसी तरह चांदी का ऑल टाइम हाई लगभग 3,86,000 रुपये प्रति किलो था, जो अब टूटकर करीब 2.65 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

आज का गोल्ड-सिल्वर रेट
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार:

  • 24 कैरेट सोना: ₹1,57,328 प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना: ₹1,44,692 प्रति 10 ग्राम
  • 18 कैरेट सोना: ₹1,18,471 प्रति 10 ग्राम
  • 14 कैरेट सोना: ₹92,407 प्रति 10 ग्राम
  • चांदी: ₹2,64,952 प्रति किलो
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आखिर क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम?
इस बार गिरावट की सबसे बड़ी वजह वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और अमेरिकी नीतियां मानी जा रही हैं। Donald Trump के लगातार बदलते बयानों, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है।

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विशेषज्ञों के मुताबिक:

  • निवेशक इस समय कैश होल्डिंग बढ़ा रहे हैं
  • लोग लिक्विडिटी के लिए सोना बेच रहे हैं
  • ऊंची ब्याज दरों के कारण गोल्ड में निवेश कम हुआ है
  • महंगाई और जंग के खतरे ने बाजार को अस्थिर बना दिया है

क्या अभी और गिरेगा सोना?
विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक पश्चिम एशिया का तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर स्थिति साफ नहीं होती, तब तक सोना और चांदी दबाव में रह सकते हैं। यदि अमेरिकी फेड फिर ब्याज दर बढ़ाता है, तो सोने में और बिकवाली देखने को मिल सकती है।

क्या अभी खरीदना सही रहेगा?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह गिरावट एक अवसर भी बन सकती है।

विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि:

  • एकमुश्त निवेश से बचें
  • SIP या चरणबद्ध खरीदारी करें
  • लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करें
  • बाजार में और गिरावट की संभावना को ध्यान में रखें

निवेशकों के लिए क्या संकेत?
सोने की मौजूदा गिरावट यह दिखाती है कि अब केवल युद्ध या तनाव के आधार पर गोल्ड की दिशा तय नहीं हो रही। वैश्विक ब्याज दरें, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की लिक्विडिटी रणनीति भी कीमतों पर बड़ा असर डाल रही है।

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