Delhi News: हादसे में मौत का आंकड़ा बढ़ा, पड़ोसी इमारतों में भी दरारों की सूचना; PM मोदी ने जताया दुख, राहत-बचाव में हरसंभव मदद का भरोसा
मलबे से 6 शव बरामद, बेसमेंट में मरम्मत के दौरान ढही 5 मंजिला बिल्डिंग
New Delhi: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला PG इमारत के ढहने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के बाद चलाए गए राहत और बचाव अभियान में अब तक 6 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। इमारत में बेसमेंट और पांच ऊपरी मंजिलें थीं और वहां छात्र PG के तौर पर रह रहे थे। शुरुआती जांच में बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर चल रहे मरम्मत/निर्माण कार्य को हादसे की संभावित वजहों में शामिल किया गया है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत-बचाव टीमों ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए अभियान चलाया। प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियां लगातार मौके पर काम करती रहीं।
बेसमेंट में काम के दौरान ढही इमारत
जानकारी के मुताबिक, सत्य निकेतन में ढही इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी बताई जा रही है। इसका इस्तेमाल छात्र PG के रूप में किया जा रहा था। हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। पुलिस और प्रशासन की शुरुआती जांच में बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर चल रहे निर्माण/मरम्मत कार्य की भूमिका की जांच की जा रही है। हादसे के बाद भवन की संरचनात्मक सुरक्षा और निर्माण नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों की जांच में निर्माण में संभावित अनियमितताओं और सुरक्षा मानकों की भी पड़ताल की जा रही है।
मलबे से शव बरामद, राहत-बचाव अभियान जारी
इमारत गिरने के बाद बड़ी संख्या में लोग मलबे के नीचे फंसने की आशंका जताई गई थी। बचाव दलों ने मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। शुरुआती घंटों में कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर छह तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई। हादसे के बाद पुलिस, दमकल और अन्य राहत एजेंसियां मौके पर मौजूद रहीं। राहत कार्य के दौरान भारी मशीनों के इस्तेमाल में भी सावधानी बरती गई, ताकि अगर कोई व्यक्ति मलबे के अंदर फंसा हो तो उसे नुकसान न पहुंचे।
पड़ोसी इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता
हादसे के बाद आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर पड़ोसी इमारतों में दरारें आने की बात सामने आई है। ऐसे में आसपास के भवनों की संरचनात्मक स्थिति की जांच को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सत्य निकेतन क्षेत्र में बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं। हादसे के बाद इलाके में भवनों की सुरक्षा, अवैध निर्माण और निर्माण नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
PG मालिक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
हादसे के मामले में पुलिस ने भवन मालिक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार मामले में FIR दर्ज की गई है और निर्माण/मरम्मत कार्य से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बेसमेंट में किस तरह का काम चल रहा था और क्या उसके लिए आवश्यक अनुमति और सुरक्षा उपाय मौजूद थे।
सत्य निकेतन हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर गहरा दुख जताया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी घटनास्थल पर काम कर रहे हैं और प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया के बाद केंद्र और स्थानीय प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य पर नजर रखी जा रही है। हादसे से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
छात्रों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के आसपास का इलाका है, जहां बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं। ऐसे में इस हादसे ने छात्र आवासों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पांच मंजिला इमारत के अचानक ढहने के बाद अब जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि क्या बेसमेंट में चल रहे काम ने भवन की संरचना को कमजोर किया था और क्या निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था। फिलहाल प्रशासन की जांच जारी है और हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।





