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IAS मनोज कुमार से ACB की पूछताछ, झारखंड शराब घोटाले में बढ़ी जांच की रफ्तार

Jharkhand Liquor Scam

रांची: झारखंड में हुए बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। ब्यूरो ने राज्य के पूर्व उत्पाद सचिव आईएएस मनोज कुमार से पूछताछ की है। उन्हें पहले ही एसीबी की ओर से नोटिस भेजा गया था, जिसके बाद वे बुधवार को एसीबी मुख्यालय पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने उनसे कई घंटों तक पूछताछ की और घोटाले से जुड़ी वित्तीय प्रक्रियाओं से संबंधित कई सवाल पूछे।

एसीबी के निशाने पर पूर्व उत्पाद सचिव
जानकारी के मुताबिक, IAS मनोज कुमार राज्य के उत्पाद सचिव पद पर रहते हुए शराब वितरण प्रणाली से जुड़े कई अहम फैसलों में शामिल थे। एसीबी को जांच में यह पता चला है कि उनके कार्यकाल के दौरान मेसर्स दीशिता वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स ओम साई बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड नामक दो कंपनियों को बिना मंत्री की जानकारी के 11 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया।

यह भुगतान तब किया गया जबकि इन दोनों कंपनियों पर करीब 450 करोड़ रुपये का बकाया था। जांच एजेंसी का मानना है कि यह भुगतान प्रक्रिया नियमानुसार नहीं हुई और इसमें गंभीर वित्तीय अनियमितताएं हो सकती हैं।

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38 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की बात आई सामने
अब तक की जांच में यह खुलासा हुआ है कि मेसर्स मार्शन इनोवेटिव सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज नामक कंपनियों ने फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर काम शुरू किया था। इन फर्जी गारंटियों के चलते राज्य सरकार को 38 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। एसीबी इस बात की जांच कर रही है कि इन कंपनियों को ठेका देने, भुगतान स्वीकृत करने और उनकी वैधता की जांच में किन-किन अधिकारियों की भूमिका थी।

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पहले हो चुकी है विनय चौबे की गिरफ्तारी
इस मामले में इससे पहले पूर्व उत्पाद सचिव विनय चौबे को गिरफ्तार किया जा चुका है। चौबे पर आरोप है कि उन्होंने उत्पाद विभाग में पदस्थ रहते हुए कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने और वित्तीय अनियमितताओं को नजरअंदाज किया। अब एसीबी की नजर उन सभी अधिकारियों और कंपनी प्रतिनिधियों पर है, जिन्होंने इस पूरे घोटाले में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका निभाई। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी अफसरों से पूछताछ हो सकती है।

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ACB की कार्रवाई से बढ़ी हलचल
आईएएस मनोज कुमार से पूछताछ के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। सूत्र बताते हैं कि एसीबी अब विभाग के अन्य पूर्व पदाधिकारियों, वित्तीय सलाहकारों और संबंधित कंपनियों के निदेशकों से भी पूछताछ की तैयारी में है। वहीं, एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि “यह जांच साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है, और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”

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