चार साल पहले हुआ ITI का उद्घाटन, आज भी सड़क का इंतजार; कीचड़ और धूल से परेशान विद्यार्थी
रजौली : बिहार के नवादा जिले के रजौली स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) तक पहुंचने के लिए आज भी विद्यार्थियों और शिक्षकों को बेहतर सड़क की सुविधा नहीं मिल सकी है। संस्थान के उद्घाटन के करीब चार साल बीत जाने के बाद भी सड़क की समस्या बरकरार है। जर्जर रास्ते से रोजाना आवागमन करना विद्यार्थियों, शिक्षकों और संस्थान के अन्य कर्मचारियों की मजबूरी बनी हुई है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण मौसम बदलने के साथ परेशानी भी बदल जाती है। बरसात में रास्ते पर कीचड़ जमा होने से पैदल चलना और दोपहिया वाहनों से गुजरना मुश्किल हो जाता है। वहीं, गर्मी के दिनों में इसी रास्ते पर उड़ने वाली धूल लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती है। ऐसे में तकनीकी प्रशिक्षण लेने के लिए संस्थान पहुंचने वाले विद्यार्थियों को रोजाना कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
चार साल बाद भी सड़क का इंतजार
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान युवाओं को तकनीकी शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से संचालित होते हैं। ऐसे संस्थानों तक सुरक्षित और सुगम पहुंच सुनिश्चित करना विद्यार्थियों के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन रजौली ITI तक पहुंचने वाले रास्ते की स्थिति संस्थान से जुड़े लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। संस्थान के उद्घाटन के करीब चार साल बाद भी यदि विद्यार्थियों और शिक्षकों को बेहतर रास्ता उपलब्ध नहीं हो पाया है, तो यह स्थानीय बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, सड़क निर्माण की जिम्मेदारी किस विभाग या एजेंसी के पास है और अब तक काम क्यों नहीं हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
बरसात में कीचड़, गर्मी में धूल से परेशानी
स्थानीय स्तर पर सामने आ रही समस्या के अनुसार, बरसात के दिनों में रास्ते पर कीचड़ जमा होने से आवागमन कठिन हो जाता है। पैदल आने-जाने वाले विद्यार्थियों को विशेष परेशानी होती है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी खराब रास्ते से गुजरना चुनौतीपूर्ण बन जाता है। गर्मी के मौसम में स्थिति अलग होती है। रास्ते पर धूल उड़ने से आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। मौसम चाहे कोई भी हो, संस्थान तक पहुंचने का रास्ता विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए रोजमर्रा की समस्या बना हुआ है।

तकनीकी शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधा का इंतजार
ITI में पढ़ने वाले विद्यार्थी अपने भविष्य को बेहतर बनाने और रोजगार के अवसर हासिल करने के लिए प्रशिक्षण लेते हैं। लेकिन संस्थान तक पहुंचने के लिए उन्हें ही बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझना पड़ रहा है। सड़क की खराब स्थिति का असर विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के दैनिक आवागमन पर भी पड़ता है। ऐसे में सड़क का निर्माण या मौजूदा रास्ते की मरम्मत कराना जरूरी माना जा रहा है, ताकि संस्थान तक पहुंचना आसान और सुरक्षित हो सके।
जिम्मेदार विभाग कब लेगा सुध?
रजौली ITI तक बेहतर सड़क उपलब्ध कराने की मांग के बीच अब यह सवाल उठता है कि संबंधित विभाग इस समस्या पर कब ध्यान देगा। क्या सड़क निर्माण की कोई योजना तैयार की गई है? यदि योजना बनी है, तो उसका काम कब शुरू होगा? और यदि अब तक कोई योजना नहीं बनी है, तो विद्यार्थियों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे? इन सवालों पर संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आना जरूरी है। फिलहाल, विद्यार्थियों और शिक्षकों को जर्जर रास्ते से आवागमन करने की परेशानी झेलनी पड़ रही है। अब देखना यह है कि रजौली ITI तक सड़क की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार विभाग कब पहल करता है और विद्यार्थियों को इस रोजमर्रा की परेशानी से कब राहत मिलती है।
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