JTET एडमिट कार्ड में बड़ा विवाद! आवेदन में कुछ और, एडमिट कार्ड में Social Studies; 12 हजार अभ्यर्थियों का दावा
विषय चयन में बदलाव की जानकारी नहीं मिलने का दावा, सुधार के दौरान तीसरा विकल्प जुड़ने का आरोप
रांची: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी JTET Examination के एडमिट कार्ड में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। अभ्यर्थियों का दावा है कि विषय चयन में हुई कथित गड़बड़ी से राज्यभर के करीब 12 हजार परीक्षार्थी प्रभावित हो सकते हैं। सोमवार को अपनी समस्याओं को लेकर अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची स्थित झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) के कार्यालय पहुंचे और मामले के समाधान की मांग की। अभ्यर्थियों का आरोप है कि आवेदन में सुधार का मौका दिए जाने के दौरान विषय चयन के लिए एक तीसरा विकल्प ‘लैंग्वेज’ जोड़ा गया, लेकिन इसकी जानकारी उन्हें स्पष्ट रूप से नहीं दी गई। इसके कारण कई अभ्यर्थियों ने अपने पुराने विषय विकल्प में कोई बदलाव नहीं किया। अब एडमिट कार्ड जारी होने के बाद कई परीक्षार्थियों ने दावा किया है कि उनके आवेदन में चुने गए विषय और एडमिट कार्ड में दर्ज विषय के बीच अंतर दिखाई दे रहा है। कुछ अभ्यर्थियों के मुताबिक, उन्होंने हिंदी, अंग्रेजी अथवा अन्य भाषा विषय से संबंधित विकल्प की उम्मीद की थी, लेकिन एडमिट कार्ड में सोशल स्टडीज (SST) दर्ज है।
विषय चयन में बदलाव की जानकारी नहीं मिलने का दावा
अभ्यर्थियों के मुताबिक, वर्ष 2024 और 2026 में आवेदन प्रक्रिया के दौरान विषय चयन के लिए उन्हें दो विकल्प ही दिखाई दिए थे। इनमें साइंस और सोशल स्टडीज प्रमुख विकल्प थे। अभ्यर्थियों का कहना है कि बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने उपलब्ध विकल्पों में से सोशल स्टडीज का चयन किया, क्योंकि वे कला संकाय और उससे जुड़े विषयों की पढ़ाई कर चुके हैं। उनका कहना है कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध विकल्पों के आधार पर ही उन्होंने फॉर्म भरा था और बाद में सुधार का मौका मिलने पर भी उन्होंने आवेदन में कोई बदलाव नहीं किया, क्योंकि उन्हें अपने फॉर्म में किसी गलती की जानकारी नहीं थी।
सुधार के दौरान तीसरा विकल्प जुड़ने का आरोप
अभ्यर्थियों का दावा है कि आवेदन सुधार की प्रक्रिया के दौरान विषय चयन में तीसरा विकल्प ‘लैंग्वेज’ जोड़ा गया था। लेकिन उनका आरोप है कि इस बदलाव की जानकारी सभी पूर्व आवेदकों तक प्रभावी तरीके से नहीं पहुंचाई गई। परीक्षार्थियों का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों ने पहले ही आवेदन कर रखा था, उन्होंने यह मानकर सुधार नहीं किया कि उनका आवेदन सही है। उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि विषय चयन से जुड़े विकल्प में बदलाव किया गया है। यही वजह है कि अब एडमिट कार्ड सामने आने के बाद कई अभ्यर्थी विषय को लेकर असमंजस में हैं।
एडमिट कार्ड में विषय को लेकर सबसे बड़ा विवाद
अभ्यर्थियों की शिकायत का सबसे अहम हिस्सा एडमिट कार्ड में दर्ज विषय को लेकर है। उनका कहना है कि कुछ अभ्यर्थियों ने आवेदन के दौरान हिंदी, अंग्रेजी या किसी अन्य भाषा विषय से संबंधित विकल्प को लेकर परीक्षा की तैयारी की थी, लेकिन जारी एडमिट कार्ड में उनके सामने सोशल स्टडीज विषय दर्ज दिखाई दे रहा है। ऐसे में अभ्यर्थियों के सामने सवाल है कि परीक्षा में उन्हें किस विषय के आधार पर शामिल किया जाएगा और यदि उनके एडमिट कार्ड में दर्ज विषय उनके शैक्षणिक या भविष्य की शिक्षक नियुक्ति संबंधी पात्रता से मेल नहीं खाता है, तो इसका असर उनके भविष्य पर क्या पड़ेगा।
भाषा शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ी
सबसे ज्यादा चिंता उन अभ्यर्थियों में देखी जा रही है जो भाषा शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि परीक्षा में विषय चयन उनके आवेदन या शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप नहीं रहता है, तो आगे शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा पास करने के बाद भी यदि विषय संबंधी पात्रता में समस्या आती है तो उनकी पूरी तैयारी और मेहनत प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से अभ्यर्थी चाहते हैं कि JAC पूरे मामले की जांच करे और यह स्पष्ट करे कि आवेदन के समय कौन-कौन से विषय विकल्प उपलब्ध थे, सुधार की अवधि में क्या बदलाव किया गया और एडमिट कार्ड में विषय किस आधार पर दर्ज किया गया।
अभ्यर्थियों ने JAC कार्यालय पहुंचकर रखी समस्या
सोमवार को राज्य के अलग-अलग जिलों से अभ्यर्थी रांची स्थित JAC कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अपनी शिकायत अधिकारियों के सामने रखने की कोशिश की और एडमिट कार्ड में विषय संबंधी समस्या का समाधान कराने की मांग की। अभ्यर्थियों की मांग है कि यदि आवेदन प्रक्रिया या एडमिट कार्ड जारी करने में तकनीकी अथवा प्रशासनिक स्तर पर कोई गलती हुई है तो उसे परीक्षा से पहले ठीक किया जाए, ताकि किसी भी अभ्यर्थी को गलत विषय के कारण नुकसान न उठाना पड़े।
करीब 12 हजार अभ्यर्थियों के प्रभावित होने का दावा
अभ्यर्थियों का दावा है कि विषय चयन से जुड़ी इस कथित समस्या से करीब 12 हजार परीक्षार्थी प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, प्रभावित अभ्यर्थियों की वास्तविक संख्या और एडमिट कार्ड में विषय से संबंधित गड़बड़ी का आधिकारिक आंकड़ा फिलहाल स्पष्ट नहीं है। इस मामले में JAC की ओर से आधिकारिक तौर पर क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है, यह महत्वपूर्ण होगा। खास तौर पर यह स्पष्ट होना जरूरी है कि आवेदन के समय और सुधार अवधि में विषय चयन के विकल्प क्या थे तथा एडमिट कार्ड में विषय निर्धारित करने की प्रक्रिया क्या रही।
अब JAC के स्पष्टीकरण पर नजर
JTET जैसी शिक्षक पात्रता परीक्षा में विषय चयन सीधे अभ्यर्थियों की तैयारी और भविष्य की पात्रता से जुड़ा विषय है। ऐसे में अभ्यर्थियों की शिकायतों का समय रहते समाधान जरूरी है। फिलहाल एडमिट कार्ड में विषय संबंधी कथित गड़बड़ी को लेकर अभ्यर्थियों की शिकायत सामने आई है। जब तक JAC की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आता, तब तक 12 हजार अभ्यर्थियों के प्रभावित होने या पूरी प्रक्रिया में निश्चित तौर पर गलती होने की पुष्टि नहीं मानी जा सकती।
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