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कोलकाता पुलिस के सामने दो बड़े माओवादी नेताओं का सरेंडर, मंगल-मालती पर था 7 लाख का इनाम

Mangal Malti Maoist surrender

मंगल ने कहा- हथियार उठाने से समाज को फायदा नहीं

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नक्सलवाद और माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में पुलिस को बड़ी सफलता मिलने का दावा किया गया है। झारखंड के रहने वाले दो कथित शीर्ष माओवादी नेताओं मंगल और मालती ने शुक्रवार को कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार पहुंचकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों लंबे समय से भूमिगत रहकर कथित तौर पर माओवादी गतिविधियों से जुड़े हुए थे। अब उन्होंने हथियारबंद संघर्ष का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।

दोनों पर कुल 7 लाख रुपये का इनाम
कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंदा ने प्रेस ब्रीफिंग में दोनों के आत्मसमर्पण की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, झारखंड पुलिस ने मंगल और मालती पर कुल 7 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, मालती पर 2 लाख रुपये, जबकि मंगल पर 5 लाख रुपये का इनाम था। पुलिस अब दोनों को सरकारी पुनर्वास और मुख्यधारा में वापस लाने से जुड़ी संभावनाओं पर भी विचार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार की नीतियों और उपलब्ध पुनर्वास पैकेज के तहत दोनों को सामान्य जीवन शुरू करने में मदद देने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

मंगल ने कहा- हथियार उठाने से समाज को फायदा नहीं
सरेंडर के बाद मंगल ने मीडिया से बातचीत में हिंसा का रास्ता छोड़ने की वजह बताई। उसके मुताबिक हथियार उठाने से समाज को कोई फायदा नहीं होता और हिंसा के रास्ते से तबाही और खून-खराबे के अलावा कुछ हासिल नहीं किया जा सकता। मंगल ने कहा कि इसी अहसास के बाद दोनों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने और समाज की मुख्यधारा में वापस लौटने का फैसला किया है।

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कई मामलों में दर्ज हैं नाम, आगे होगी कानूनी कार्रवाई
कोलकाता पुलिस के मुताबिक, मंगल और मालती के नाम पश्चिम बंगाल समेत दूसरे राज्यों के अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज कई मामलों से जुड़े हैं। ऐसे में आत्मसमर्पण के बावजूद उनके खिलाफ दर्ज मामलों में कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, पूछताछ और लंबित मामलों की जानकारी जुटाने के लिए झारखंड पुलिस की एक टीम के भी जल्द कोलकाता पहुंचने की उम्मीद है।

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सालबोनी और जंगलमहल क्षेत्र में मंगल की भूमिका की जांच
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मंगल के खिलाफ पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबोनी थाना क्षेत्र में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस को संदेह है कि वह सालबोनी और व्यापक जंगलमहल क्षेत्र में पहले हुई कुछ कथित माओवादी घटनाओं में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहा हो सकता है। हालांकि, इन सभी मामलों में उसकी भूमिका का अंतिम निर्धारण संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।

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हथियार और गोला-बारूद बरामद होने का दावा
लालबाजार सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि दोनों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। बरामदगी से जुड़े विस्तृत विवरण और हथियारों की संख्या को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि दोनों की माओवादी गतिविधियों में क्या भूमिका थी, किन नेटवर्क से उनका संपर्क था और किन घटनाओं में उनकी कथित संलिप्तता रही है।

माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका?
सुरक्षा मामलों के जानकारों के मुताबिक, यदि पुलिस की ओर से सामने आए दावे जांच में पुष्ट होते हैं तो दो सक्रिय और इनामी माओवादी नेताओं का आत्मसमर्पण सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा सकता है। खासकर जंगलमहल जैसे संवेदनशील क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क के लिए ऐसे आत्मसमर्पण का मनोवैज्ञानिक असर भी पड़ सकता है। वहीं पुलिस के लिए यह संदेश देने का अवसर है कि हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों के लिए पुनर्वास और सामान्य जीवन में लौटने का विकल्प मौजूद है। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर उनके पुराने नेटवर्क, कथित गतिविधियों और दर्ज मामलों के बारे में जानकारी जुटा रही है। आगे की कार्रवाई संबंधित राज्यों में दर्ज मामलों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।

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