राज्य के विकास में BJP का सहयोग शून्य, केंद्र झारखंड से कर रहा भेदभाव: JMM
‘हेमंत सरकार को कमजोर करने की कोशिश’, खनिज संपदा में योगदान के बावजूद भेदभाव का आरोप
गढ़वा: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के मीडिया पैनलिस्ट सह केंद्रीय सदस्य धीरज दुबे ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भाजपा के आरोपों को भ्रामक और राजनीतिक बयानबाजी करार देते हुए कहा कि राज्य के विकास में भाजपा का सहयोग “शून्य” रहा है। धीरज दुबे ने आरोप लगाया कि एक ओर भाजपा झारखंड के विकास की बात करती है, जबकि दूसरी ओर केंद्र की मोदी सरकार गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ कथित तौर पर भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सहयोग जरूरी है।
‘हेमंत सरकार को कमजोर करने की कोशिश’
JMM नेता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार को राजनीतिक और आर्थिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की गई। उनके मुताबिक, केंद्र और राज्यों के बीच संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों और संघीय व्यवस्था की भावना के अनुरूप होने चाहिए। धीरज दुबे ने कहा कि राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देकर राज्य के विकास को प्रभावित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि झारखंड के विकास को बाधित करके विकसित भारत का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।
खनिज संपदा में योगदान के बावजूद भेदभाव का आरोप
धीरज दुबे ने कहा कि झारखंड देश के महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों में बड़ा योगदान देने वाला राज्य है। इसके बावजूद राज्य के साथ कथित तौर पर सौतेला व्यवहार किया जाना झारखंड की जनता के हित में नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले तीन लोकसभा चुनावों में झारखंड की जनता ने भाजपा को पर्याप्त संसदीय समर्थन दिया, लेकिन उनके मुताबिक राज्य को उसके अनुरूप सहयोग नहीं मिलना निराशाजनक है। JMM नेता ने कहा कि जनता के जनादेश से बनी हेमंत सोरेन सरकार को कमजोर करने का कोई भी प्रयास जनता के निर्णय का अपमान होगा।
महंगाई, रोजगार और निजीकरण पर BJP को घेरा
धीरज दुबे ने भाजपा की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की नीतियों में जनकल्याण की तुलना में सत्ता, पूंजी और चुनावी हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने महंगाई, रोजगार और निजीकरण को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारी संपत्तियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण से आम लोगों के हित प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र की नीतियों के कारण आर्थिक असमानता बढ़ रही है। हालांकि, ये JMM नेता के राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
BJP के संगठन विस्तार पर भी कटाक्ष
धीरज दुबे ने भाजपा के संगठनात्मक विस्तार पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पिछले वर्षों में देशभर में पार्टी संगठन और कार्यालयों के विस्तार पर काफी जोर दिया है। उन्होंने दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय से लेकर विभिन्न जिलों में पार्टी कार्यालयों के निर्माण का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि यदि इसी स्तर की ऊर्जा आम जनता की समस्याओं, रोजगार सृजन और महंगाई पर नियंत्रण के लिए लगाई जाती तो इसका ज्यादा लाभ लोगों को मिलता।
अडानी और निजीकरण के मुद्दे पर भी निशाना
JMM नेता ने उद्योगपति गौतम अडानी से जुड़े राजनीतिक विवादों, सरकारी संसाधनों के निजीकरण और आम जनता पर बढ़ते आर्थिक दबाव का मुद्दा उठाते हुए भाजपा की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां कुछ बड़े कारोबारी समूहों को लाभ पहुंचाने वाली हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस बयान में उपलब्ध नहीं है।
‘जनता विकास के आधार पर करेगी मूल्यांकन’
धीरज दुबे ने कहा कि झारखंड की जनता विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के आधार पर सरकारों का मूल्यांकन करती है। उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार ने अब तक क्या ठोस सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि झामुमो सरकार जनहित में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है और झारखंड के अधिकारों तथा जनता के हितों की रक्षा के लिए आवाज उठाती रहेगी।
हेमंत सरकार के काम गिनाए
JMM नेता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए दावा किया कि राज्य में आंतरिक व्यवस्था को मजबूत करने के साथ विकास और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में काम किया गया है। उन्होंने राजधानी रांची में फ्लाईओवर, विभिन्न जिलों में सड़क निर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों में विकास, पर्यटन स्थलों के विकास और खेल के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार इन क्षेत्रों में लगातार काम कर रही है।










