रांची में कोचिंग, हॉस्टल और लॉज पर नगर निगम का शिकंजा, 24 घंटे में कागजात नहीं दिए तो सील होगा भवन
स्वीकृत नक्शे के विपरीत इस्तेमाल पर भी कार्रवाई, पहले भी जारी हो चुके हैं नोटिस
रांची: राजधानी रांची में नियमों और वैधानिक प्रावधानों की अनदेखी कर कोचिंग संस्थान, हॉस्टल और लॉज संचालित करने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। रांची नगर निगम ने ऐसे संस्थानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जरूरी वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित नहीं हुआ, तो संबंधित भवनों को सील करने समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। नगर निगम की यह कार्रवाई खास तौर पर उन संस्थानों पर केंद्रित है, जहां आवासीय भवनों का इस्तेमाल स्वीकृत उपयोग से अलग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है या जरूरी अनुमति और पंजीकरण के बिना संस्थान संचालित किए जा रहे हैं।
दस्तावेज नहीं दिखाए तो भवन हो सकता है सील
नगर निगम की ओर से जारी नोटिस में संबंधित संचालकों को भवन के स्वीकृत उपयोग, लाइसेंस, पंजीकरण और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। निगम ने स्पष्ट किया है कि केवल भवन या परिसर उपलब्ध होना किसी व्यावसायिक गतिविधि को संचालित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। संचालकों को संबंधित संस्थान के संचालन से जुड़े सभी आवश्यक वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- ट्रेड लाइसेंस
- हॉस्टल पंजीकरण, जहां लागू हो
- वाणिज्यिक होल्डिंग से संबंधित दस्तावेज
- अग्निशमन विभाग का NOC यानी फायर एनओसी
- स्वीकृत भवन प्लान
- भवन के स्वीकृत उपयोग से संबंधित दस्तावेज
- अन्य जरूरी वैधानिक अनुमतियां
स्वीकृत नक्शे के विपरीत इस्तेमाल पर भी कार्रवाई
नगर निगम ने भवनों के स्वीकृत नक्शे और निर्धारित उपयोग के अनुरूप इस्तेमाल पर भी जोर दिया है। यदि किसी भवन को आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृति मिली है और उसका इस्तेमाल बिना आवश्यक अनुमति के कोचिंग, हॉस्टल, लॉज या अन्य व्यावसायिक गतिविधि के लिए किया जा रहा है, तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। निगम का कहना है कि भवन निर्माण और उसके उपयोग से जुड़े नियमों का पालन करना संचालकों की जिम्मेदारी है।
पहले भी जारी हो चुके हैं नोटिस
नगर निगम के अनुसार, संबंधित संस्थानों को पहले भी नोटिस और अंतिम स्मार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इन नोटिसों के जरिए संचालकों से जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने और निर्धारित नियमों का पालन करने को कहा गया था। इसके बावजूद अनुपालन नहीं होने या कुछ संस्थानों की ओर से दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद निगम ने अब आगे की कार्रवाई की तैयारी की है। निगम की ओर से निर्धारित समय सीमा में दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने वाले संस्थानों के खिलाफ सीलिंग समेत अन्य वैधानिक कदम उठाए जा सकते हैं।
इन संस्थानों को पहले मिला था अंतिम स्मार नोटिस
नगर निगम की ओर से पहले अंतिम स्मार नोटिस पाने वाले संस्थानों में कई कोचिंग और डिफेंस एकेडमी शामिल हैं। इनमें—
- आरसी फिजिकल एकेडमी, हटमा
- लक्ष्य डिफेंस एकेडमी, बिरसा कॉलोनी, मोरहाबादी
- प्रकाश करियर फाउंडेशन, ले डिजायर कॉम्प्लेक्स, सर्कुलर रोड
- आरसी डिफेंस एकेडमी, लालपुर
- योद्धा डिफेंस एकेडमी, ईस्ट जेल रोड, थड़पखना
- श्योर सक्सेस सेंटर, लालपुर
- किरण एकेडमी, ईस्ट जेल रोड
- कमांडो फिजिकल एकेडमी, हटमा
- आरसी फिजिकल एकेडमी, बिरसा नगर, सरना टोली
नोटिस की प्रक्रिया में शामिल संस्थानों से निगम ने आवश्यक दस्तावेज और नियमों के अनुपालन से संबंधित जानकारी मांगी है।
सात संस्थानों पर 24 घंटे की कार्रवाई की तलवार
नगर निगम ने मौजूदा कार्रवाई में सात संस्थानों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। निर्धारित समय के भीतर जरूरी वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने या नियमों का पालन नहीं करने की स्थिति में संबंधित भवनों को सील किया जा सकता है। हालांकि, अंतिम कार्रवाई से पहले संबंधित संस्थानों को अपना पक्ष रखने और मांगे गए दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है।
किन नियमों के तहत हो रही कार्रवाई?
नगर निगम की कार्रवाई झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 और झारखंड भवन उपविधि, 2016 के प्रावधानों के तहत की जा रही है। इन नियमों के तहत भवन के स्वीकृत उपयोग, निर्माण मानकों और आवश्यक अनुमतियों का पालन करना जरूरी है। निगम का कहना है कि किसी भी भवन में व्यावसायिक गतिविधि संचालित करने से पहले संबंधित अनुमति और वैधानिक आवश्यकताओं को पूरा करना होगा।
सुरक्षा मानकों की भी होगी जांच
कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहते या आते-जाते हैं। ऐसे में फायर सेफ्टी और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन भी महत्वपूर्ण है। निगम ने फायर एनओसी समेत अन्य आवश्यक सुरक्षा दस्तावेजों को भी जांच के दायरे में रखा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि व्यावसायिक या संस्थागत गतिविधियां संचालित करने वाले भवन निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करते हों।
निगम का साफ संदेश- नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं
रांची नगर निगम ने साफ किया है कि स्वीकृत भवन प्लान के विपरीत निर्माण या उपयोग और जरूरी अनुमतियों के बिना संस्थान चलाने की छूट नहीं दी जाएगी। निगम का कहना है कि पहले नोटिस दिए जाने के बावजूद यदि संचालक नियमों का पालन नहीं करते हैं तो अब नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित समय-सीमा की अनदेखी करने वालों पर भवन सील करने सहित अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। ऐसे में रांची के कोचिंग, हॉस्टल और लॉज संचालकों के लिए अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
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