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नामकुम में राजस्वकर्मी की हत्या का खुलासा, जमीन विवाद में 3 गिरफ्तार; 3 आरोपी फरार

नामकुम में राजस्वकर्मी लक्ष्मीकांत मुंडा हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा

23 अक्टूबर की रात रची गई साजिश? SIT ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर की कार्रवाई

रांची: राजधानी रांची के नामकुम थाना क्षेत्र के जोरार में अरगोड़ा अंचल के राजस्वकर्मी लक्ष्मीकांत मुंडा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप गोसाई, अमित टोप्पो उर्फ अमित गोसाई और सिंधु कुमार गोसाई के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, लक्ष्मीकांत मुंडा की 24 अक्टूबर को जोरार स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी साक्ष्य और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

जमीन विवाद को पुलिस ने बताया हत्या की वजह
पुलिस की जांच में हत्या के पीछे जमीन विवाद सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, बड़ा घाघरा मौजा में करीब 96 डिसमिल जमीन के दाखिल-खारिज और म्यूटेशन को लेकर विवाद चल रहा था। जांच के अनुसार, मृतक लक्ष्मीकांत मुंडा राजस्वकर्मी के तौर पर जमीन से जुड़े दस्तावेजों और वंशावली की जांच कर रहे थे। इस दौरान कुछ मामलों में उन्हें दस्तावेजों और वंशावली में गड़बड़ी मिली थी। इसके बाद उन्होंने कई नामांतरण मामलों में प्रतिकूल रिपोर्ट दी थी। पुलिस का कहना है कि राजस्वकर्मी की रिपोर्ट के आधार पर अंचल कार्यालय ने कुछ दाखिल-खारिज के आवेदन खारिज कर दिए थे। इसी को लेकर आरोपियों में नाराजगी थी।

23 अक्टूबर की रात रची गई साजिश?
पुलिस के अनुसार, इसी नाराजगी के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या की साजिश रची। जांच में सामने आया है कि 23 अक्टूबर की रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच वारदात को अंजाम दिया गया। इसके बाद 24 अक्टूबर को लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या की जानकारी सामने आई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए संदिग्धों की गतिविधियों, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों को खंगालना शुरू किया।

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SIT ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में SIT बनाई गई थी। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ मानवीय सूचना के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश की। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर हत्याकांड में उनकी कथित भूमिका और पूरी साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

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तीन आरोपी अब भी फरार
पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे भोला गोसाई, अमित सिंह और शैलेश फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या की साजिश में सभी आरोपियों की क्या भूमिका थी और वारदात को अंजाम देने से पहले किस तरह की योजना बनाई गई थी।

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पुलिस जांच में जमीन विवाद बना अहम कड़ी
लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या की जांच में बड़ा घाघरा मौजा की करीब 96 डिसमिल जमीन से जुड़ा विवाद फिलहाल अहम कड़ी के रूप में सामने आया है। पुलिस का दावा है कि जमीन के दाखिल-खारिज और म्यूटेशन से जुड़े मामलों में मृतक राजस्वकर्मी की प्रतिकूल रिपोर्ट और उसके बाद आवेदन खारिज होने से आरोपी नाराज थे। हालांकि, हत्याकांड में आरोपियों की भूमिका और पुलिस के सामने सामने आए तथ्यों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ मामले की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।

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