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गुमला की बेटी को दिल्ली ले गई महिला, राजस्थान में 20 हजार में बेचने का आरोप; ऐसे बचकर लौटी

गुमला में नाबालिग किशोरी की कथित मानव तस्करी का मामला

50 साल के व्यक्ति से जबरन शादी, घर में कैद रही किशोरी; दो हजार रुपये लेकर भागी

गुमला: झारखंड के गुमला जिले से मानव तस्करी का एक गंभीर मामला सामने आया है। रोजगार दिलाने का भरोसा देकर 15 वर्षीय किशोरी को कथित तौर पर तस्करी के जाल में फंसाया गया। आरोप है कि गांव की ही एक महिला उसे काम दिलाने के बहाने दिल्ली ले गई और फिर राजस्थान में एक 50 वर्षीय व्यक्ति के हाथों 20 हजार रुपये में बेच दिया। इसके बाद किशोरी की जबरन शादी करा दी गई और उसे घर में बंद कर प्रताड़ित किया जाने लगा। किसी तरह आरोपी के चंगुल से निकलकर किशोरी अपने घर पहुंची। रविवार शाम वह परिजनों के साथ गुमला थाना पहुंची और पुलिस को अपनी आपबीती सुनाते हुए लिखित शिकायत दी। किशोरी के बयान के बाद मामला मानव तस्करी और नाबालिग के जबरन विवाह से जुड़ा गंभीर प्रकरण बन गया है।

जुलाई में रोजगार का झांसा देकर दिल्ली ले जाने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, इसी साल जुलाई में उसके गांव की रहने वाली जतरी उरांव ने उसे रोजगार दिलाने का भरोसा दिया था। इसी बहाने वह किशोरी को दिल्ली ले गई। वहां उसे सुनीता लोहरा नाम की महिला के हवाले कर दिया गया। किशोरी का आरोप है कि सुनीता ने शुरुआत में उसे कुछ दिनों तक एक कोठी में काम पर रखा। इसके बाद उसे राजस्थान ले जाया गया, जहां कथित तौर पर 50 वर्षीय व्यक्ति से उसकी जबरन शादी करा दी गई।

20 हजार रुपये में बेचने और जबरन शादी कराने का आरोप
किशोरी ने पुलिस को बताया कि राजस्थान में उसकी शादी के लिए मेहमानों को भी बुलाया गया था। एक बंद कमरे में शादी की रस्में पूरी कराई गईं और मुंह दिखाई की रस्म भी हुई। पीड़िता का आरोप है कि उसे 50 वर्षीय व्यक्ति के हाथों 20 हजार रुपये में बेच दिया गया था और इस रकम के बदले सुनीता लोहरा को पैसे मिले थे। किशोरी के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया उसकी मर्जी के खिलाफ कराई गई।

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घर में बंद रखता था आरोपी, विरोध करने पर मारपीट का आरोप
किशोरी ने बताया कि शादी के बाद सुनीता लोहरा वहां से चली गई। इसके बाद कथित तौर पर वह व्यक्ति उसे अपने घर में बंद करके रखने लगा। आरोपी चिकन की दुकान चलाता था और दुकान जाने के दौरान किशोरी को घर के अंदर बंद कर देता था। पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान आरोपी उसके साथ जबरदस्ती करता था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की जाती थी। इस तरह किशोरी लगातार डर और प्रताड़ना के माहौल में रहने को मजबूर थी।

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दरवाजा खुला छूटा तो भाग निकली किशोरी
पीड़िता के अनुसार, एक दिन आरोपी सामान्य दिनों की तुलना में जल्दी घर लौट आया और सो गया। इस दौरान वह दरवाजा बंद करना भूल गया। किशोरी ने मौका देखकर वहां से भागने का फैसला किया। उसने बताया कि मुंह दिखाई की रस्म के दौरान मिले दो हजार रुपये उसके पास थे। इन्हीं पैसों के सहारे वह राजस्थान से दिल्ली और फिर रांची पहुंची। इसके बाद किसी तरह अपने गांव लौटकर उसने परिजनों को पूरी घटना बताई।

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पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
गुमला पुलिस के अनुसार, किशोरी की ओर से आवेदन दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। बिशुनपुर थाना प्रभारी अर्जुन यादव ने बताया कि किशोरी और उसके परिजन गुमला थाना पहुंचे थे। आवेदन मिलने के बाद तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। जांच के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस के सामने इस मामले में कई अहम सवाल हैं। किशोरी को रोजगार का झांसा देकर दिल्ली ले जाने में किन लोगों की भूमिका थी? राजस्थान में कथित तौर पर उसे किसके हाथों सौंपा गया? इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं?

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