hemant
Tulsyan

रांची एयरपोर्ट पर उड़ानें रद्द, होटल किराया बढ़ाने पर प्रशासन सख्त

Hotel Guidelines

Ranchi : सर्दियों के मौसम में घने कोहरे और खराब दृश्यता का सीधा असर हवाई सेवाओं पर पड़ रहा है। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से आने-जाने वाली कई उड़ानें लगातार रद्द हो रही हैं या घंटों की देरी से संचालित हो रही हैं। ऐसी स्थिति में बड़ी संख्या में यात्रियों को मजबूरी में शहर के होटल, लॉज और गेस्ट हाउस में रुकना पड़ रहा है।

होटल किराए में मनमानी पर प्रशासन सख्त
यात्रियों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने होटल संचालकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फ्लाइट रद्द या विलंब होने की स्थिति में होटल किराए में किसी भी तरह की मनमानी बढ़ोतरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यात्रियों से केवल पहले से निर्धारित और सामान्य दर पर ही कमरे का किराया लिया जाएगा।

मानवीय व्यवहार की भी हिदायत
जिला प्रशासन ने होटल, लॉज और गेस्ट हाउस संचालकों को यह भी निर्देश दिया है कि वे इस मुश्किल परिस्थिति में यात्रियों के साथ सहयोगात्मक और मानवीय व्यवहार करें। किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क, छिपा हुआ चार्ज या जबरन वसूली नहीं की जाए। प्रशासन का कहना है कि ठंड और कोहरे के कारण फंसे यात्री पहले से ही मानसिक और आर्थिक तनाव में होते हैं।

DAV NANDRAJ

दिसंबर-जनवरी में बढ़ती है समस्या
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अनुसार दिसंबर और जनवरी के महीनों में उत्तर भारत में घना कोहरा उड़ानों के संचालन में सबसे बड़ी बाधा बनता है। इसका असर रांची एयरपोर्ट पर भी देखने को मिलता है, खासकर दिल्ली, लखनऊ, पटना और कोलकाता रूट की उड़ानों में। बीते दिनों कुछ यात्रियों ने होटल किराए बढ़ाने की शिकायतें भी की थीं, जिसे जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया।

maa-ram-pyari

नियम तोड़ने पर होगी कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई होटल संचालक इन निर्देशों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने और अन्य दंडात्मक कदम भी शामिल हो सकते हैं। प्रशासन ने संबंधित विभागों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

Jaipur

यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि
रांची जिला प्रशासन ने होटल संचालकों से अपील की है कि वे आपदा जैसी स्थिति में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दें। प्रशासन ने कहा है कि यह समय मुनाफाखोरी का नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी निभाने का है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *