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साहिबगंज से संदिग्ध आतंकी की गर्लफ्रेंड गिरफ्तार, STF की बड़ी कार्रवाई

Sahibganj STF Arrest

साहिबगंज: पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल की जांच में बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड के साहिबगंज जिले से 22 वर्षीय अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया है। उस पर संदिग्ध आतंकवादी हमीम मंडल से जुड़े मॉड्यूल के संपर्क में रहने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद STF की टीम उसे अपने साथ पश्चिम बंगाल ले गई, जहां अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की गई है।

बेबतपुर गांव में STF की दबिश
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई साहिबगंज जिले के बरहरवा थाना क्षेत्र के बेबतपुर ग्वालखोर गांव में की गई। STF की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर अर्पिता सरकार को हिरासत में लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पश्चिम बंगाल रवाना हो गई।

संदिग्ध मॉड्यूल से संपर्क का आरोप
STF सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान ऐसे इनपुट मिले हैं जिनके आधार पर अर्पिता सरकार के हमीम मंडल से जुड़े संदिग्ध मॉड्यूल के संपर्क में होने की आशंका जताई गई है। इसी आधार पर बर्दवान थाना कांड संख्या 1096/26 में उसे गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को उसे बर्दवान पुलिस स्टेशन लाया जाएगा, जहां औपचारिक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अदालत में पेश किया जाएगा। जांच एजेंसी उससे विस्तृत पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग करेगी।

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हमीम मंडल पहले ही हो चुका है गिरफ्तार
इस मामले के मुख्य आरोपी हमीम मंडल को पश्चिम बंगाल पुलिस पहले ही बर्दवान से गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि अर्पिता सरकार की गिरफ्तारी से पूरे संदिग्ध नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिल सकती है। अब STF यह पता लगाने में जुटी है कि अर्पिता की भूमिका केवल व्यक्तिगत संपर्क तक सीमित थी या वह किसी अन्य गतिविधि में भी शामिल थी।

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जांच में अहम कड़ी मानी जा रही गिरफ्तारी
जांच एजेंसियों का कहना है कि अर्पिता सरकार की गिरफ्तारी इस मामले में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है। पूछताछ के दौरान यह जानने की कोशिश की जाएगी कि—

  • हमीम मंडल से उसका संपर्क कब और कैसे हुआ?
  • क्या उसे संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी थी?
  • मॉड्यूल के अन्य सदस्यों से उसका कोई संबंध था या नहीं?
  • डिजिटल माध्यमों से किस तरह का संपर्क बनाए रखा गया?
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इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

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अन्य संदिग्धों की भी तलाश
STF और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य तकनीकी जानकारियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और पूछताछ के बाद कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।

सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे संदिग्ध नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल अर्पिता सरकार से पूछताछ और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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