NHAI पर मकान तोड़ने का आरोप, मालिक बोले- गैरमौजूदगी में तोड़ा घर, अब परिवार के सामने रहने का संकट
पहले भी तोड़ा गया था मकान का हिस्सा, बोले- सभी कागजात मौजूद, फिर भी नहीं मिला नोटिस
नवादा: रजौली-बख्तियारपुर एनएचएआई सड़क निर्माण परियोजना के तहत मकान तोड़े जाने की कार्रवाई को लेकर विवाद सामने आया है। फतेहपुर के गुरुचक निवासी न्यूटन कुमार ने आरोप लगाया है कि एनएचएआई की टीम ने उनकी गैरमौजूदगी में बिना पूर्व सूचना और नोटिस दिए उनके मकान को तोड़ दिया। उनका कहना है कि मकान से संबंधित आवश्यक कागजात उनके पास मौजूद हैं, इसके बावजूद जिस तरीके से कार्रवाई की गई, उससे पूरा परिवार परेशान है और अब उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।
पहले भी तोड़ा गया था मकान का हिस्सा
न्यूटन कुमार के अनुसार, इससे पहले भी उनके मकान का एक हिस्सा तोड़ा गया था। उनका दावा है कि यह हिस्सा करीब एक डिसमिल जमीन पर बना हुआ था। इसके बावजूद अब उनकी अनुपस्थिति में दोबारा मकान तोड़ने की कार्रवाई की गई। न्यूटन कुमार ने सवाल उठाया कि जब मकान मालिक मौके पर मौजूद नहीं थे, तो उनकी गैरमौजूदगी में मकान तोड़ने का निर्णय किस आधार पर लिया गया। उनका कहना है कि यदि सड़क निर्माण परियोजना के लिए जमीन या मकान पर कार्रवाई जरूरी थी, तो उन्हें पहले सूचना देकर अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना चाहिए था।
बोले- सभी कागजात मौजूद, फिर भी नहीं मिला नोटिस
न्यूटन कुमार का कहना है कि उनके मकान और जमीन से संबंधित कागजात उनके पास मौजूद हैं। इसके बावजूद उन्हें कार्रवाई से पहले कोई उचित सूचना या नोटिस नहीं दिया गया। मकान टूटने के बाद परिवार की परेशानी बताते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि “अब हम लोग कहां रहेंगे?” उनका कहना है कि प्रशासन या परियोजना से जुड़े अधिकारियों की ओर से परिवार के लिए किसी वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी भी नहीं दी गई है।
कार्रवाई में दोहरे मापदंड का लगाया आरोप
न्यूटन कुमार ने कार्रवाई में कथित तौर पर दोहरे मापदंड अपनाए जाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हरदिया इलाके में भी कई जगह अतिक्रमण मौजूद होने का दावा किया जाता है, लेकिन वहां कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि यदि सड़क निर्माण परियोजना के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है, तो सभी प्रभावित क्षेत्रों में एक समान नियम और प्रक्रिया लागू होनी चाहिए।
प्रोजेक्ट मैनेजर से फोन पर की बात
मकान तोड़े जाने के बाद न्यूटन कुमार ने परियोजना प्रबंधक राजेंद्र कुमार त्रिपाठी से फोन पर संपर्क कर अपनी समस्या बताई। न्यूटन के अनुसार, प्रोजेक्ट मैनेजर ने उनसे पूछा कि मकान कैसे टूट गया और क्या वे उस समय मौके पर मौजूद थे। न्यूटन का कहना है कि जब उन्होंने बताया कि मकान मालिक मौके पर मौजूद नहीं थे, तो उन्हें मौके पर मौजूद मजिस्ट्रेट से बात करने की सलाह दी गई। इसके बाद संबंधित मौके के अधिकारी से बात करने की बात कही गई। न्यूटन कुमार का आरोप है कि उन्हें अपनी समस्या का कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिला। हालांकि, परियोजना प्रबंधक की ओर से इस बातचीत को लेकर अलग से कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
परिवार के सामने रहने का संकट
मकान टूटने के बाद न्यूटन कुमार का परिवार परेशान है। उनका कहना है कि घर उनके परिवार के रहने का मुख्य सहारा था और अचानक हुई कार्रवाई से उनके सामने भविष्य को लेकर चिंता खड़ी हो गई है। न्यूटन कुमार ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मकान तोड़े जाने की कार्रवाई का आधार स्पष्ट करने, दस्तावेजों की जांच कराने और परिवार की समस्या का समाधान करने की मांग की है। अब सवाल यह है कि सड़क निर्माण परियोजना के तहत कार्रवाई से पहले संबंधित मकान मालिक को किस प्रक्रिया के तहत सूचना दी गई थी और क्या उनके दस्तावेजों एवं आपत्तियों पर विचार किया गया था। इन सवालों का जवाब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
अधिकारी ने कहा- मामला संज्ञान में आने पर होगी जांच
मामले को लेकर गया के NHAI प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुभाष मीणा ने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने बताया कि मामला सामने आने के बाद इसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मकान मालिक के आरोपों और NHAI की ओर से जांच के आश्वासन के बाद पूरे मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
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