कैंब्रियन स्कूल, कांके रोड में ‘स्नेह आंगन’ कार्यक्रम का आयोजन, दादा-दादी के साथ बच्चों ने साझा किए प्रेम और संस्कार
बुजुर्ग किसी घर में रोशनदान की तरह होते हैं : परमजीत कौर
रांची: कैंब्रियन पब्लिक स्कूल, कांके रोड में ग्रैंडपेरेंट्स के लिए विशेष कार्यक्रम ‘स्नेह आंगन’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और उनके दादा-दादी एवं नाना-नानी के बीच भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करना तथा भारतीय पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के महत्व को रेखांकित करना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय की निदेशक सह प्राचार्या परमजीत कौर ने कहा कि बुजुर्ग किसी घर में रोशनदान की तरह होते हैं। उनकी रोशनी से घर जगमगाता है, बच्चे खिलखिलाते हैं और संस्कारों का बीज पल्लवित-पुष्पित होता है। उन्होंने कहा कि परिवार में संस्कारों के संवहन और पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण में नाना-नानी और दादा-दादी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनकी मौजूदगी से घर में प्रेम, स्नेह और आशीर्वाद का वातावरण बना रहता है।
बदलते परिवारों में बुजुर्गों की भूमिका अहम
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आनंदमयी सिंह ने कहा कि बदलते समय और परिस्थितियों के साथ एकल परिवारों का चलन बढ़ा है। माता-पिता दोनों के नौकरीपेशा होने के कारण कई बार बच्चों को पर्याप्त पारिवारिक समय और पारंपरिक संस्कारों का वातावरण नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों में ग्रैंडपेरेंट्स मौजूद होते हैं, वहां बच्चों में संस्कार, संवेदना और चारित्रिक मूल्यों का निरंतर विकास होता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से परिचित कराना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

गीतों के जरिए ग्रैंडपेरेंट्स के प्रति जताया प्रेम
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने विभिन्न गीतों की प्रस्तुति देकर अपने दादा-दादी और नाना-नानी के प्रति प्रेम और अपनत्व व्यक्त किया। बच्चों ने ‘नाना-नानी यू आर माय सनशाइन’, ‘नानी तेरी मोरनी को मोर ले गया’ और ‘मुझको लगते प्यारे मेरे दादा-दादी’ जैसे गीत प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद ग्रैंडपेरेंट्स के बीच भावनात्मक माहौल बना दिया और बच्चों के साथ उनके रिश्ते की खूबसूरती को सामने रखा।
बच्चों और ग्रैंडपेरेंट्स ने खेलों में लिया हिस्सा
कार्यक्रम में बच्चों और उनके ग्रैंडपेरेंट्स के बीच कई मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया। इनमें ब्लाइंडफोल्ड गेम, कप इन द सर्कल और बॉल इन द बास्केट जैसे खेल शामिल रहे। इन गतिविधियों के जरिए बच्चों और उनके दादा-दादी एवं नाना-नानी को एक-दूसरे के साथ समय बिताने और अपने रिश्ते को और मजबूत करने का अवसर मिला।

विद्यालय की पहल की सराहना
कार्यक्रम के अंत में डॉ. मोनिका कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रैंडपेरेंट्स ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन परिवार के सदस्यों के बीच भावनात्मक लगाव को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
‘स्नेह आंगन’ कार्यक्रम ने बच्चों को जहां अपने ग्रैंडपेरेंट्स के साथ यादगार पल बिताने का अवसर दिया, वहीं परिवार में बुजुर्गों की भूमिका और भारतीय संस्कारों के महत्व को भी रेखांकित किया।





