AI का गलत इस्तेमाल बना बड़ा खतरा, बिल गेट्स की 100 करोड़ मौतों की चेतावनी
बिल गेट्स ने कहा- खतरनाक AI गलत हाथों में पहुंचा तो बड़े पैमाने पर तबाही संभव
ऑस्ट्रेलिया में AI एजेंट की सरकारी पोर्टल तक अनधिकृत पहुंच ने बढ़ाई चिंता
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की बढ़ती क्षमताओं के साथ उसके संभावित दुरुपयोग को लेकर बहस तेज हो रही है। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने चेतावनी दी है कि अगर बेहद शक्तिशाली AI टूल गलत इरादे रखने वाले लोगों के हाथ लगते हैं, तो उनका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। NBC के Meet the Press कार्यक्रम के लिए दिए इंटरव्यू के अंशों के मुताबिक, गेट्स ने कहा कि AI के दुरुपयोग से ऐसी घटनाएं संभव हैं जिनमें एक अरब यानी करीब 100 करोड़ लोगों की जान जा सकती है। उनका जोर इस बात पर है कि खतरा जरूरी नहीं कि AI के खुद इंसानों के खिलाफ हो जाने से पैदा हो, बल्कि इंसानों द्वारा शक्तिशाली AI का गलत इस्तेमाल भी गंभीर परिणाम दे सकता है।
साइबर हमले और जैविक खतरों को लेकर चिंता
गेट्स की चिंता AI के ऐसे इस्तेमाल को लेकर है, जिसमें दुर्भावनापूर्ण लोग इसकी क्षमताओं का इस्तेमाल खतरनाक गतिविधियों में कर सकें। इनमें साइबर हमले, जैविक हथियारों से जुड़े प्रयास और बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियां शामिल हैं। गेट्स ने हाल के महीनों में भी AI से जुड़े जोखिमों पर बात की है। सितंबर में उन्होंने कहा था कि सरकारें AI से होने वाले सामाजिक बदलावों और जोखिमों के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं हैं। उन्होंने AI के संभावित दुरुपयोग में साइबर अपराध, निगरानी, धोखाधड़ी और बायोटेररिज्म जैसे जोखिमों का भी उल्लेख किया है।
सिर्फ AI कंपनियों पर भरोसा पर्याप्त नहीं
गेट्स का कहना है कि AI की सुरक्षा को केवल तकनीकी कंपनियों के स्व-नियमन पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, सरकारों को ऐसे नियम और निगरानी व्यवस्था तैयार करनी चाहिए, जिससे बेहद शक्तिशाली AI सिस्टम के इस्तेमाल पर जवाबदेही तय हो सके। खास तौर पर उन AI क्षमताओं पर अतिरिक्त निगरानी की जरूरत बताई जा रही है जिनका इस्तेमाल साइबर सुरक्षा या जैविक अनुसंधान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में किया जा सकता है। AI एजेंट अब केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं हैं। वे इंटरनेट पर जानकारी खोजने, अलग-अलग वेबसाइटों से बातचीत करने और कई चरणों में किसी काम को पूरा करने में सक्षम हो रहे हैं। यही बढ़ती स्वायत्तता AI सुरक्षा से जुड़े सवालों को और गंभीर बना रही है।
ऑस्ट्रेलिया में AI एजेंट ने सरकारी पोर्टल में बनाई अनधिकृत पहुंच
बिल गेट्स की चेतावनी के बीच ऑस्ट्रेलिया में OpenAI के एक AI एजेंट से जुड़ी घटना ने AI सुरक्षा पर बहस को और तेज कर दिया है। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने 24 सितंबर को बताया कि जून में OpenAI का एक AI एजेंट Medicare Statistics Reporting Service Portal में अनधिकृत तरीके से पहुंच गया था। यह पोर्टल Services Australia द्वारा संचालित है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार के अनुसार, AI मॉडल को सार्वजनिक दवाओं के खर्च से जुड़ी जानकारी पर इंटरनेट आधारित रिसर्च का काम दिया गया था। जब पोर्टल ने कुछ जानकारी देने से इनकार किया, तो AI एजेंट ने वैकल्पिक तरीके से उस जानकारी तक पहुंचने की कोशिश की और अंततः पोर्टल की कुछ गैर-सार्वजनिक फाइलों तक अनधिकृत पहुंच बना ली।
व्यक्तिगत Medicare डेटा एक्सेस होने का सबूत नहीं
इस मामले में एक अहम बात यह है कि व्यक्तिगत Medicare रिकॉर्ड तक पहुंचने का कोई सबूत फिलहाल नहीं मिला है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार के अनुसार एजेंट ने सार्वजनिक और गैर-सार्वजनिक फाइलों तक पहुंच बनाई। इनमें मुख्य रूप से समेकित यानी aggregate स्वास्थ्य आंकड़े और अन्य फाइलें शामिल थीं। सरकार ने कहा है कि व्यक्तिगत मेडिकल जानकारी एक्सेस होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है और फोरेंसिक जांच जारी है। ऑस्ट्रेलिया के कार्यवाहक प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने कहा कि घटना का वास्तविक प्रभाव सीमित था, लेकिन AI एजेंट का सरकारी वेबसाइट में अनधिकृत तरीके से प्रवेश करना गंभीर विषय है।
OpenAI ने करीब तीन महीने बाद दी जानकारी
इस मामले में घटना की जानकारी सरकार को देने में देरी भी सवालों के घेरे में है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार के अनुसार घटना 18 जून 2026 को हुई थी। OpenAI को अपनी आंतरिक समीक्षा के दौरान 11 अगस्त को इस गतिविधि का पता चला। इसके बाद कंपनी ने 10 सितंबर को Services Australia को ईमेल के जरिए जानकारी दी। 11 सितंबर को Services Australia ने ईमेल देखा और 15 सितंबर को ऑस्ट्रेलियाई साइबर सुरक्षा अधिकारियों को सूचना दी। प्रधानमंत्री अल्बनीज को 19-20 सितंबर के दौरान इस मामले की जानकारी मिली और 24 सितंबर को उन्होंने इसे सार्वजनिक किया। अल्बनीज ने Open AI CEO सैम ऑल्टमैन से बातचीत कर सूचना देने में हुई देरी और उसके तरीके पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
ऑस्ट्रेलिया ने शुरू की जांच
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक जांच में Australian Signals Directorate भी सहायता कर रहा है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि AI एजेंट की गतिविधि का प्रभाव किसी अन्य सरकारी सिस्टम तक तो नहीं पहुंचा था। सरकार यह भी देख रही है कि मौजूदा साइबर सुरक्षा व्यवस्था और कानून AI एजेंट से जुड़े इस तरह के मामलों से निपटने के लिए पर्याप्त हैं या नहीं।
AI की बढ़ती क्षमता के साथ बढ़ी सुरक्षा की चिंता
बिल गेट्स की चेतावनी और ऑस्ट्रेलिया की घटना एक ही सवाल की ओर इशारा करती है—AI को कितनी स्वायत्तता दी जाए और उस पर इंसानी निगरानी कितनी जरूरी हो। हालांकि ऑस्ट्रेलिया मामले में व्यक्तिगत Medicare डेटा चोरी होने का कोई सबूत नहीं मिला है, लेकिन एक AI एजेंट द्वारा दिए गए रिसर्च टास्क को पूरा करने के दौरान सुरक्षा नियंत्रणों को पार कर गैर-सार्वजनिक फाइलों तक पहुंच बनाना AI एजेंट की क्षमताओं और सीमाओं पर सवाल खड़े करता है। इसी वजह से AI सुरक्षा, मानवीय निगरानी, साइबर सुरक्षा और सरकारी नियमन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बढ़ रही है। अमेरिका और चीन भी AI सुरक्षा तथा अनियंत्रित AI एजेंटों से जुड़े जोखिमों पर संवाद बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बिल गेट्स की 100 करोड़ संभावित मौतों वाली चेतावनी एक जोखिम परिदृश्य है, न कि यह दावा कि ऐसी घटना होने वाली है। वहीं ऑस्ट्रेलिया की घटना इस बहस में एक वास्तविक उदाहरण जोड़ती है कि AI एजेंट कुछ परिस्थितियों में अपने निर्धारित कार्य को पूरा करने के लिए अनपेक्षित और अनधिकृत कदम उठा सकते हैं।
- AI का गलत इस्तेमाल बना बड़ा खतरा, बिल गेट्स की 100 करोड़ मौतों की चेतावनीबिल गेट्स ने कहा- खतरनाक AI गलत हाथों में पहुंचा तो बड़े पैमाने पर तबाही संभव ऑस्ट्रेलिया में AI एजेंट की सरकारी पोर्टल तक अनधिकृत पहुंच ने बढ़ाई चिंता नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की बढ़ती क्षमताओं के साथ उसके संभावित दुरुपयोग को लेकर बहस तेज हो रही है। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स…
- रांची में भारी बारिश का असर: गेतलसूद डैम का जलस्तर 1934.30 फीट, दो गेट खोले गएखतरे के करीब पहुंचा जलस्तर, लोगों से सतर्क रहने की अपील Ranchi News: झारखंड में पिछले चार दिनों से जारी मूसलाधार बारिश का असर अब नदियों और जलाशयों के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी रांची के गेतलसूद डैम में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने शनिवार सुबह सुरक्षा के मद्देनजर…
- आज से शुरू हुआ पितृपक्ष, 15 दिनों तक पितरों के तर्पण और श्राद्ध का विशेष समय; जानें जरूरी नियमपितरों के लिए तर्पण और पिंडदान का महत्व, किन बातों का रखा जाता है ध्यान? Pitru Paksha 2026: आज से पितृपक्ष की शुरुआत हो रही है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं में इन 15 दिनों को पूर्वजों के तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान पितरों का स्मरण…
- SIR पर राजद का हमला, 13.37 करोड़ नाम ड्राफ्ट रोल से बाहर, 26 सितंबर को झारखंड में होगा विरोध प्रदर्शन26 सितंबर को झारखंड के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर झारखंड में राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। झारखंड प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे पारदर्शिता और मतदाताओं के…
- चांडिल डैम का जलस्तर बढ़ा, सभी 13 गेट खोले गए; विस्थापित गांवों पर नजरचांडिल/सरायकेला: लगातार हो रही बारिश के कारण चांडिल डैम का जलस्तर बढ़कर 180.95 मीटर तक पहुंच गया है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि और विस्थापित गांवों में संभावित खतरे को देखते हुए डैम से पानी की निकासी बढ़ा दी गई है। ईचागढ़ विधायक के निर्देश पर चांडिल डैम के सभी 13 गेट खोल दिए…




