गढ़वा कस्तूरबा विद्यालय मामला: जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, पानी नहीं मिलने से बीमार हुईं छात्राएं; 5 कर्मचारी बर्खास्त

Garhwa Kasturba School Investigation

गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले के खरौंधी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में सैकड़ों छात्राओं के बीमार होने के मामले में शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) की जांच में विद्यालय प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, घटना वाले दिन छात्राओं को भोजन तो परोसा गया, लेकिन उन्हें पीने के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं कराया गया। इसी लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई।

चापाकल वाले कमरे में लगा था ताला
जांच रिपोर्ट के अनुसार, जिस कमरे में विद्यालय का चापाकल लगा था, उस कमरे में रसोइया ने ताला लगा दिया था। इसके कारण छात्राएं भोजन के बाद पीने का पानी नहीं ले सकीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्राओं को गर्म पानी पीने के लिए कहा गया, लेकिन अधिकांश छात्राओं ने इसका विरोध किया। उन्होंने भोजन तो किया, लेकिन पानी नहीं पीया। इसके बाद कई छात्राओं को उल्टी, पेट दर्द और अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें होने लगीं।

शिक्षा विभाग ने मानी गंभीर लापरवाही
जिला शिक्षा पदाधिकारी कैशर राजा ने जांच के बाद स्पष्ट कहा कि बच्चों को भोजन कराने के बाद पीने का पानी उपलब्ध नहीं कराना और चापाकल वाले कमरे में ताला लगा देना अत्यंत गंभीर लापरवाही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की चूक किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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डीसी के निर्देश पर पांच कर्मचारी बर्खास्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए गढ़वा के उपायुक्त (DC) के निर्देश पर विद्यालय के पांच कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के तहत—

  • वार्डेन
  • दो शिक्षिकाएं
  • एक सुरक्षा गार्ड
  • रसोइया
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को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

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बीईओ और बीपीओ के वेतन पर भी रोक
शिक्षा विभाग ने केवल विद्यालय कर्मियों पर ही कार्रवाई नहीं की, बल्कि निगरानी में लापरवाही मानते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) और प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO) की भी जवाबदेही तय की है। दोनों अधिकारियों के वेतन निकासी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि विस्तृत जांच के बाद आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

पहले 100 से अधिक छात्राएं हुई थीं बीमार
गौरतलब है कि शुक्रवार को विद्यालय की 100 से अधिक छात्राएं अचानक बीमार पड़ गई थीं। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन भी कुछ अन्य छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान भोजन, पेयजल व्यवस्था और विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसके बाद यह रिपोर्ट सामने आई।

शिक्षा विभाग ने दिए सख्त संकेत
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी आवासीय विद्यालयों में भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

गढ़वा के खरौंधी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में छात्राओं के बीमार होने के मामले में जांच रिपोर्ट ने विद्यालय प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर की है। भोजन के बाद छात्राओं को पीने का पानी उपलब्ध नहीं कराना इस घटना का प्रमुख कारण माना गया है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है, जबकि संबंधित अधिकारियों के वेतन पर भी रोक लगा दी गई है। अब पूरे मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई और जिम्मेदार लोगों पर अतिरिक्त कदमों पर नजर रहेगी।

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