सुप्रीम कोर्ट में झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व जज अपरेश कुमार सिंह की एंट्री की तैयारी
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तेलंगाना के चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह समेत तीन हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीशों के नाम की अनुशंसा की
Ranchi : सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की अनुशंसा की है। कॉलेजियम की यह सिफारिश 28 सितंबर 2026 को हुई बैठक में की गई। जस्टिस अपरेश कुमार सिंह का झारखंड हाईकोर्ट से भी जुड़ाव रहा है, जहां वे न्यायाधीश के तौर पर कार्य कर चुके हैं। कॉलेजियम ने जस्टिस अपरेश कुमार सिंह के अलावा गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल और दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के नाम की भी सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए अनुशंसा की है।
तीन हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम की सिफारिश
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 सितंबर को हुई बैठक में तीन हाईकोर्ट के मौजूदा मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत करने की अनुशंसा की। इनमें शामिल हैं:
- जस्टिस अपरेश कुमार सिंह — मुख्य न्यायाधीश, तेलंगाना हाईकोर्ट
- जस्टिस सुनीता अग्रवाल — मुख्य न्यायाधीश, गुजरात हाईकोर्ट
- जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय — मुख्य न्यायाधीश, दिल्ली हाईकोर्ट
इन सिफारिशों के बाद अब नियुक्ति की निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अनुशंसा अपने आप में नियुक्ति का अंतिम आदेश नहीं है।
झारखंड हाईकोर्ट से भी रहा है नाता
जस्टिस अपरेश कुमार सिंह झारखंड न्यायपालिका में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वे झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश रहे हैं और बाद में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद तक पहुंचे। इसके बाद उन्हें त्रिपुरा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था और वर्तमान में वे तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। झारखंड से उनका न्यायिक जुड़ाव होने की वजह से सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की यह सिफारिश राज्य के न्यायिक और कानूनी क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट में तीन नए जजों के लिए रास्ता साफ करने की कोशिश
सुप्रीम कोर्ट की स्वीकृत न्यायाधीश संख्या 34 स्थायी जजों से अधिक, यानी 38 है। मौजूदा समय में शीर्ष अदालत में 34 न्यायाधीश कार्यरत बताए गए हैं। कॉलेजियम की तीन नई अनुशंसाएं होने के बाद रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। कॉलेजियम की सिफारिश के बाद अब केंद्र सरकार के स्तर पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके बाद राष्ट्रपति की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने पर संबंधित न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट में कार्यभार ग्रहण करेंगे।
झारखंड के लिए क्यों अहम है यह खबर?
जस्टिस अपरेश कुमार सिंह का झारखंड हाईकोर्ट में लंबा न्यायिक कार्यकाल रहा है। इसलिए उनका सुप्रीम कोर्ट के लिए अनुशंसित होना झारखंड की न्यायिक बिरादरी के लिए विशेष महत्व रखता है। झारखंड हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने वाले न्यायाधीशों की सूची में उनका नाम एक और महत्वपूर्ण कड़ी जोड़ सकता है। हालांकि, अंतिम नियुक्ति और शपथ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में औपचारिक रूप से कार्यभार संभालेंगे।
अब आगे क्या होगा?
कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद केंद्र सरकार संबंधित प्रस्ताव पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करेगी। इसके बाद नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया राष्ट्रपति के स्तर तक जाएगी। इसलिए फिलहाल जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति कॉलेजियम की अनुशंसा के स्तर पर है, जबकि अंतिम नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया अभी बाकी है। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर कॉलेजियम के प्रस्ताव और न्यायिक नियुक्तियों से जुड़े प्रस्ताव प्रकाशित किए जाते हैं। 28 सितंबर की कॉलेजियम बैठक में की गई इस सिफारिश के बाद अब सभी की नजर आगे की नियुक्ति प्रक्रिया पर रहेगी।
- सुप्रीम कोर्ट में झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व जज अपरेश कुमार सिंह की एंट्री की तैयारीसुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तेलंगाना के चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह समेत तीन हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीशों के नाम की अनुशंसा की Ranchi : सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की अनुशंसा की है। कॉलेजियम की यह सिफारिश 28 सितंबर 2026…
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